सोमवार, 6 जुलाई 2026

मिज़ाज में थोड़ी सख़्ती भी ज़रूरी है “जअसर शायद बेअसर हो गया है,
वो भी हमसे बेखबर हो गया है.!!

हमारे दिल पे क्या बीती वो क्या जाने,
उसके बगैर जीना अब दुश्वार हो गया है।।
मिज़ाज में थोड़ी सख़्ती भी ज़रूरी है “जनाब”
लोग पी जाते, अगर समुंद्र खारा ना होता ।

शनिवार, 4 जुलाई 2026

कभी कभी थक जाती है भावनाऐं,,,बेपरवाह लोगो पर न्यौछावर होकर🙂