होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह,
तो मैं तेरे शहर में कभी धूप ना आने देता।
हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं.... मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो...! किशन लाल डांगी भमावत थूर, उदयपुर , मेवाड़ मो. 0917891529862
मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016
गुरुवार, 4 फ़रवरी 2016
शुक्रवार, 29 जनवरी 2016
शनिवार, 16 जनवरी 2016
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)