मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016

होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह,
तो मैं तेरे शहर में कभी धूप ना आने देता।

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2016

लोग आज भी तेरे बारे में पूछतें हैं कहा है वो, मैं बस दिल पर हाथ रख देता हू...

शुक्रवार, 29 जनवरी 2016

मुझे यकीन है मोहब्बत उसी को कहते हैं,
कि जख्म ताज़ा रहे और निशान चला जाये।

वो तो बारिश कि बूँदें देखकर खुश होते हैं,
उन्हें क्या मालूम कि हर गिरने वाला कतरा पानी नही होता।

शनिवार, 16 जनवरी 2016

हमारी कद्र उनको होगी तन्हाईयो में एक दिन, अभी तो बहुत लोग हैं उनके पास दिल्लगी करने को....!!

अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का,
रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता ह

शुक्रवार, 15 जनवरी 2016

तुम से बिछड के फर्क बस इतना हुआ..
तेरा गया कुछ नहीँ और मेरा रहा कुछ नहीँ..��