शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017

फिक़र तो तेरी आज भी है पर, जिक़र करने का हक़ नहीं रहा !!

एक ठहराव सा आ गया है तेरे चले जाने से, हँसती खेलती ज़िंदगी ने ख़ामोशी का पर्दा ओढ़ लिया है जैसे...✍

इस कदर पागल हो गए थे हम तेरे इश्क़ में, की गलती तेरी हो तो भी कोसते खुद को ही थे...✍

गुरुवार, 16 फ़रवरी 2017

सवाल जहर का नहीं था .. वो तो मैं पी गया .... तकलीफ लोगों को तब हुई … जब मैं जी गया ... !!

तुझे याद कर के मुस्कुराते रहना, बस इसी में गुज़र जाता है दिन मेरा...✍ 💕

सोचा था भुला देंगे तुमको एक पल में, ये भरम भी टूट गया बस एक पल में...✍

इन आँखों को तुम इस कदर भा गए हो की, कोई और अब अच्छा ही नही लगता..✍

हमारी जान भी हाज़िर है हर सजा पाने को पत्थर की क्या जरुरत सनम नज़रों से मार लो दीवाने को

ठुकराया हमने भी बहुतों को है तेरी खातिर तुझसे फासला भी शायद उन की बददुआओं का असर है

चुप था इसलिए तूने मेरा तमाशा बना दिया वर्ना मेरे पास भी सौ-सौ जवाब थे . . तेरे एक एक सवाल के

गम इस बात का नही कि तुम बेवफा निकली मगर अफ़सोस ये है कि वो सब लोग सच निकले 🙅 जिनसे मैं तेरे लिए लड़ा करता था

"उस ख्याल पर ही मुझे प्यार आ जाता है ..
ज़िक्र जिसमें तेरा इक बार आ जाता है..

बुधवार, 15 फ़रवरी 2017

मेरा दिल कैसे उदास ना हो यारों,
वो #Online तो है मगर गैरों के लिए !!

एक बार गले मिलकर रोने जो दिया होता,
एक पल तो मोहब्बत को मैंने भी जिया होता !!

अकेला छोड़ दो मुझे या फिर मेरे हो जाओ,
मुझे अच्छा नहीं लगता कभी पाना कभी खोना !!

मेरी भारी भरकम मोहब्बत का...कभी तो अंदाज़ा लगा लो।
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अपनी नफरत की दीवार मे सनम...कँही तो दरवाज़ा लगा लो।।

मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे, अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती ।

कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी .. .!! हर रात का आखरी ख्याल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम.

वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही, इश्क़ में प्रेमी कभी झुकता नही, खामोश हैं हम किसी के खुशी के लिए, ना सोचो के हमारा दिल दुःखता नहीं!

ये मेरी शायरी ने भी कमाल कर दिया, आज शायरी सुनके उसने मुझसे कहा ... मेरी जान ले लो मगर मुझे बेबफा ना कहो ।।।

याद मीठी सी दिलाकर चले गए ! दिल हमारा साथ उठा कर चले गए !! सबे महफिल देखती ही रह गई ! वो मस्त ऑखों से पिलाकर चले गए !!