शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

ये नहीं की हर वक्त तेरा ही जिक्र हो, मेरी खामोश मोहब्बत में भी तुम ही तुम हो..!!

यादें.. इंतजार.. सूनापन.. आंसू, और वजह सिर्फ एक..वो हो तुम..!!

न लौटने की हिम्मत है न सोचने की फुर्सत, बहुत दूर निकल आए हैं तुमको चाहते हुए..!!

छूकर भी जिसे छू ना सके वो चाहत है इश्क, कर दे फनाह जो रूह को वो इबादत है इश्क..!!

बहुत फर्क था तेरी और मेरी मोहब्बत में, तू परखती रही और हमने जिंदगी यकीन में गुजार दी..!!

अब भी मेरे दिल में रहते हो तुम खुदा की तरह..!!

बुधवार, 19 सितंबर 2018

ये जो पानी की बूंदे तेरी जुल्फों पर टिकी हैं,
इन्ही की वजह से कई जायदादें बिकी हैं ।।

गुरुवार, 6 सितंबर 2018

तेरा मिलना मेरे लिए ख्वाब सही, पर तुझे भूलूं मैं ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..!!