रविवार, 26 अप्रैल 2020

चलो आओ बताऊ तुम्हें एक निशानी उदास लोगों की;
कभी गौर करना ये हस्ते बहुत है।

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

बहाना कोई ना बनाओ तुम मुझसे ख़फ़ा होने का 
तुम्हें चाहने के सिवा कोई गुनाह नही है मेरा.......

गुरुवार, 23 अप्रैल 2020

उनके ख्याल से ही जब इतनी सुहानी लगती है ये दुनिया;
सोचो अगर वो साथ होंगे तब क्या बात होगी।

रविवार, 19 अप्रैल 2020

वो कहते हैं मुझसे कोई और बात करो;
लाऊँ कहाँ से बात अब उनकी बात के सिवा।

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

मौका मिलते ही कमी निकालते देखा हूं
 अपनों को अपने के खिलाफ बोलते देखा हूं
 कहने को कहते हैं सात जन्म तक साथ रहेंगे 
अगले ही पल पतली गली पकड़ते देखा हूं

गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

एक ही दिन में ना पढ़  पाओगे मूझे,,

मेने खुद को लिखने में कई साल लगाये है...
मत खोल मेरी पुरानी किताब को ए दोस्त
जो था वो रहा नही जो हूँ किसी को पता नही

शनिवार, 11 अप्रैल 2020

ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है तो मेरा लहू लेले,
यू कहानिया अधूरी न लिखा कर..
तू वैसी ही है जैसा मैं चाहता हूँ…

बस..
मुझे वैसा बना दे जैसा तू चाहती है…..
मत दो मुझे खैरात उजालों की……

अब खुद को सूरज बना चुका हूं मैं..
जागना भी कबूल हैं तेरी यादों में रात भर,
तेरे एहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ |
धीरे धीरे बहुत कुछ बदल रहा है…
लोग भी…रिश्ते भी…और कभी कभी हम खुद भी….
अल्फ़ाज़ के कुछ तो कंकर फ़ेंको,

यहाँ झील सी गहरी ख़ामोशी है।

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

हालातों कि उलझनों से गुज़र रही हैं ये "ज़िन्दगी" मेरी....

इसे फिर मुस्कुराने में थोड़ा वक्त और लगेगा....

मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

आप आसमान में तकते रह गए.…… हमने चाँद अपने गैलरी में देखा है…..

रविवार, 5 अप्रैल 2020

कुछ लोग ज्यादा अच्छे की तलाश में,
.
.
मुझ जैसे  मासूम को खो देते है..!!

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

मेने कहा, तीखी मिर्ची हो तुम
वो होंठ चूम के पूछी ओर अब
फुर्सत से जो तू मुझे मिला।
 अपने हर। दर्द। 
से तुझे रूबरू करा दूंगा।
 बिन आंसू आंख कैसे रोती है?
 तुझे भी सिखा दूंगा।
किस रब से पूछूं
 है ऐसा क्यों
 सच्चा प्यार ही
 रोता क्यों
    💔

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

तुम्हारी यादों में गुमसुम बैठे थे...
सभी ने देख लिया तुम्हें मेरी आँखों में...!!
एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी*, जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं, हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं

गुरुवार, 2 अप्रैल 2020

तुम्हारी यादों में गुमसुम बैठे थे...
सभी ने देख लिया तुम्हें मेरी आँखों में...!!
तुम्हे हजार बार देख के भी

मन नही भरता....!

हर बार लगता है बस एक बार

और देखूं....!!

बुधवार, 1 अप्रैल 2020

तेरे पास से गुजरे, तब बेखुदी में थे हम.! 
कुछ दूर जा के सम्भले, तो तुझे याद करके रोये..!!