बुधवार, 30 दिसंबर 2020

*छोड़ आया था मेज़ पर चाय*
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*ये जुदाई का इस्तिआरा था*
वो जलाती रही हमारे लबों को और हम उसे चूमते रहे...

कमबख्त ये कैसा इश्क़ 
जो हम चाय से कर बैठे.... 
❤️❤️
तुम्हारी याद में हम चाय बहुत पीते हैं...
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या तो दीदार कराओ या फिर चायपत्ती भिजवाओ...
कोई तबियत से चाय पिलाये तो

हम दिल देने को भी तैयार हैं।
तुम्हारी याद में हम चाय बहुत पीते हैं...
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या तो दीदार कराओ या फिर चायपत्ती भिजवाओ...

बुधवार, 23 दिसंबर 2020

एक बिल पड़ा है मेरा तुम्हारे दिल की राज्यसभा में,

इस शीतकालीन सत्र में देखो अगर पास हो जाए तो...
😁😁

बुधवार, 16 दिसंबर 2020

एक तेरी खामोशी जला देती है इस पागल दिल को। बाकी तो सब बातें अच्छी है तेरी तस्वीर में😘😘😘

मैं वक्त बन जाऊं,तू बन जा कोई लम्हा मैं तूझमे गुजर जाऊं,तू मुझमें गुज़र जाना

न समेट सकोगें क़यामत तक जिसे तुम

 कसम तुम्हारी तुम्हें इतनी मोहब्बत करते हैं

नहीं बस्ती किसी और की सूरत इन आंखों में काश कि हम ने तुझे इतने गौर से ना देखा होता

दुनिया में इतनी रस्में क्यो है, प्यार अगर जिंदगी हैं तो, इसमें कसमें क्यो है!!!!!

हर किसी के हाथ में बिक जाने को तैयार नहीं,

 यह मेरा दिल है तेरे  शहर का अखबार नहीं
हर किसी के हाथ में बिक जाने को तैयार नहीं,

 यह मेरा दिल है तेरे  शहर का अखबार नहीं

मंगलवार, 15 दिसंबर 2020

लहज़े समझ आ जाते है मुझे कुछ लोगों के
बस उन्हें शर्मिंदा करना मेरे मिजाज में नहीं

मंगलवार, 8 दिसंबर 2020

सलिका तुमने पर्दे का बड़ा अनमोल रखा है ,यही निग़ाहें कातिल हैं इन्हीं को खोल रखा है.!!

घूंघट की भी अजीब प्रथा है,ओढ़ने वाली बेफिक्र रहती है, और देखने वाले बेचैन !!

जिनसे ख़फ़ा तक नहीं होते थे,

हम उनसे जुदा तक हो गए...
ये दूरियां तो फकत होश का तकाजा है..

मेरे ख्यालों की दुनिया में हरदम मेरे पास हो तुम..।।

मंगलवार, 1 दिसंबर 2020

आख़िरी बार मैं कब उस से मिला याद नहीं 

बस यही याद है इक शाम बहुत भारी थी