गुरुवार, 29 अप्रैल 2021

ना तुम रामायण में दिखाई दिए ना महाभारत में दिखाई दिए !!🤔

हे पंचरपुत्र',तुम आए कहाँ से इस आर्यव्रत हिन्दुस्तान में🤣

बुधवार, 28 अप्रैल 2021

बड़ी मुश्किल ये घड़ी है ,

देखो ना मुझे अब भी तुम्हारी पड़ी है..💕

बुधवार, 21 अप्रैल 2021

तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं हैं,

उसे दुल्हन भी बनते देखना है अभी। ..
💔

मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

देखकर उसकी सादगी को रहा नही जाता है...

हर रोज उससे थोड़ा इश्क़ ओर हो जाता है...

सोमवार, 19 अप्रैल 2021

कोई मोती सीप में महफूज़ रहता हो जैसे...

तू मेरे ख्यालो में हर वक़्त रहता है ऐसे...
उसको देखे तो होश खो देता है दिल...

होश आता है तो वो फिर मुस्कुरा जाता है...

शनिवार, 17 अप्रैल 2021

रूठे हो तो मुझ पर कोई तौहमत न लगाना।

किस किस को बताऊंगा मैं ऐसा तो नहीं हूं

गुरुवार, 15 अप्रैल 2021

आँखों के सामने से रो कर जाती है सच्ची महोब्बत...

लोग बस यूंही चिल्लाते है प्यार अंधा होता है...

बुधवार, 14 अप्रैल 2021

सोच समझकर फ़ैसला लेना "जान" कहने का...

तय है "जान" का एक रोज बिना कहे निकल जाना...
ताजे घावों पर जैसे हाथ लगा हो...

ऐसा लगता है अब तुझे राह में देखकर...
तन्हाई का आलम कुछ रम गया है सीने में...

राह चलते शख्स को गले लगाना का दिल करता है...
अपनी बर्बादियों पर ना सही...

चलो मुस्कुराना तो मेरे बस में...

रविवार, 11 अप्रैल 2021

शनिवार, 10 अप्रैल 2021

मोहब्बत की है तुझसे बेफिक्र रह..

नाराजगी हो सकती है पर नफरत कभी नही..!!
मेरी तलब के तकाज़े पे थोड़ा गौर कर ,

मैं तेरे पास आया हूं खुदा के होते हुए ,
चेहरे के ऊपर चेहरे लगाए है मैंने...

लोग उतना ही जान पाए जितना बताया मैंने...
इंतज़ार फ़रेबी करते है...

हमें महोब्बत थी तो अपना हक़ मांग लिया...

गुरुवार, 8 अप्रैल 2021

सुकूँ देता है दर्द बे-इलाज रहने दो,

कहेंगे फिर कभी जाने दो आज रहने दो..!!

ये बद्दुआयें अपने पास ही रखो,,,जिसे मुहब्बत हो गई है वो खुद ही मर जाएगा...

जाते_जाते झगड़ा करके उसने बिल्कुल ठीक किया , प्यार जता कर जाती तो हम रोते_रोते मर जाते !
✍️
वो मुझे कुछ इस तरह अपना लगता है...

चुप हो जाये वो मेरा दिल नही लगता है...

बुधवार, 7 अप्रैल 2021

एक तेरा ही दर्द है यार अब...

जिसको सर दर्द का नाम देता हूं...
में फूल नही हूँ जो खुशबू बिखेरे...

में वो पेड़ हूं जो छाया देता है...
में फूल नही हूँ जो खुशबू बिखेरे...

में वो पेड़ हूं जो छाया देता है...

मंगलवार, 6 अप्रैल 2021

ख्वाब चुभते रहते है आंखों में साहब...

मेरी आँखें लाल यू ही थोड़ी है...
ख्वाब चुभते रहते है आंखों में साहब...

मेरी आँखें लाल यू ही थोड़ी है...
मुझको चुप चाप ही...

क्यो खो दिया तुमने...

रविवार, 4 अप्रैल 2021

तुम हो... फिर भी तुम नही हो...

खाये जाता है... मुझे ये तुम्हारा होकर भी न होना...!!