रविवार, 31 दिसंबर 2023

उसने क्या लाज रखी है मेरी गुमराही कीके मैं भटकूं, तो भटक कर भी उसी तक पहुँचूँ

इस स्वार्थी दुनिया में कभी वो हृदय मत खो देनाजो तुमसे प्रेम करता हो"❤❤

कोहरे में ढका-ढका सा शहर मेरा,और...चाय की चुस्कियों में घुली यादें तुम्हारी.....!!!❤️☺️

मोहब्बत में पागल हो जाना आम बात है,,एक ही शख्स के लिए पागल रहना खास बात है..!!

चालें ही चलनी हैं तो शतरंज खेलो,, इसके लिये रिश्तों से खेलना मुनासिब नही।। 🖤✍️

मैने सिखा ही नहीं है बदला लेना,जिसने भी दिल दुखाया मैं उससेखुशी-खुशी अलग हो गई...!!

उड़ रही अफ़वाह….कि हमें मोहब्बत है तुमसे, कर लूं यकीं मैं भी …गर तुम इक़रार कर लो

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2023

सुना था उसके बेटे का नाम मेरे नाम पर है,वो पागल लड़की अब तक इश्क़ निभा रही है..❤️🌻

किसी से बिछड़ना तो इतनी गुंजाईश छोड़ना, ग़र कभी फिर मिले तो नजरे ना चुरानी पड़े..❤️🌻

डर लगता है तुम्हें याद करने से.... यूँ हर वक़्त याद करने से कहीं,खत्म ना हो जाएं यादें तेरी. ....

इतना तो😍😍 किसी ने चाहा 😏😏 भी न होगा😘😘 जितना मैंने सिर्फ 👰👰सोचा है तुम्हें

बेशुमार सा लिखना था .मैंने '' तुझ पर एतबार '' .....लिख दिया

गुरुवार, 28 दिसंबर 2023

एक ख़्वाब ही था जिसने साथ ना छोड़ा,हक़ीक़त तो बदलती रही हालातो के साथ..

आप पूछ लेना सुबह से... ना यकीन हो तो शाम से... एक दिल धड़कता है... सिर्फ आपके नाम से...!!

आपके इश्क़ को कुछ इस तरह से निभाते हैं हम... आप नहीं हो तकदीर में... जानते हैं , फिर भी आपको बेपनाह चाहते हैं हम...!!

दिसंबर भी बीत गया कोशिश ए एतबार में...!!फिर नए साल के शुरुवात होगी एक तेरे इंतजार में...!!!!❤️

बुधवार, 27 दिसंबर 2023

छोङो ना यार, क्या रखा है सुनने और सुनाने मेँ,किसी ने कसर नहीँ छोङी दिल दुखाने मेँ.. )

दिल में चुभ जाती है अपनो की बाते वरना, गैरो की क्या औकात जो इन आंखों में आसूं ला दे.!!

कुछ घाव कभी,माफी की इजाज़त नहीं देते....😔.

दौलत के शौकीन लोग,कभी भी वफादार नहीं हो सकते.....

उसने पूछा क्या पसंद है तुम्हें मैं बहुत देर तक देखता रहा उसे

सोमवार, 25 दिसंबर 2023

मुश्किलों का आना जिंदगी का हिस्सा हैं तो,उनमें से हंसकर निकल आना जीने की कला!!

वक्त ने दिखा दी सबकी हक़ीक़त वरनाहम वो थे जो सबको अपना समझते थे....✌️✌️

हम नहीं बदलेंगे वक्त की रफ्तार के साथ ,हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराने ही होंगे

वक्त आने पर देंगे जवाब.... सवाल सबके संभालकर रखें हैं।।

रविवार, 24 दिसंबर 2023

जिस-जिस जगह रखे थे उसने कदम,हमने वो जमीं ही चूम ली......और वो मेरे घर आकर कहती थी,आपका लड़का मिट्टी बहुत खाता है......

बारिश में वो अक्सर छतरी घर भूल जाती थी...मैं आज भी बादलों से सच्ची दोस्ती निभाता हूँ....

हम लिखते रहते है... वो पढ़ते रहते है...यू ही हम दोनो... एक दूजे से मिलते रहते है...

क्लासरूम हो या कयामत,ये कैसे मुमकिन था की हमारे होते तेरी गैरहाजरी लग जाए...... मैं बीस सालों से तेरी गिरफ्त में हूं,की इतने वक्त में तो कोई आईजी बन जाए......

जमीं इंतज़ार में थी की बादल बरसेंगे...और... हवा बादलों को उड़ा ले गई.......

दिन लड़कपन खा जाता था और रातें उसकी याद में कट जाती थी......मिलती थी तो बात नहीं करती और फोन पर सर खा जाती थी........

उसके लहजे में मिठास ऐसी थी....कीबुखार भी हो तो बच्चे स्कूल आते थे......

कॉलेज खुले तो बढ़ गए अवसर मिलने के....फिर वो एक दिन बस से उतरती हुई मिली....

बस नाम लिखने की ही इजाजत नहीं मिली.....बाकी सब कुछ तो हम तुम पर ही लिखते हैं.....

धूल की तरह उड़ती है अफ़वाहें,सत्य जानने के लिए सब्र करना पड़ता है !!