वो हमारी एक खता पर हमसे कुछ इस कदर रूठ कर चल दिए,
जैसे सदियों से उन्हें किसी बहाने की तलाश थी।
जैसे सदियों से उन्हें किसी बहाने की तलाश थी।
हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं.... मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो...! किशन लाल डांगी भमावत थूर, उदयपुर , मेवाड़ मो. 0917891529862