बुधवार, 15 फ़रवरी 2017

मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे, अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती ।

कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी .. .!! हर रात का आखरी ख्याल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम.

वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही, इश्क़ में प्रेमी कभी झुकता नही, खामोश हैं हम किसी के खुशी के लिए, ना सोचो के हमारा दिल दुःखता नहीं!

ये मेरी शायरी ने भी कमाल कर दिया, आज शायरी सुनके उसने मुझसे कहा ... मेरी जान ले लो मगर मुझे बेबफा ना कहो ।।।

याद मीठी सी दिलाकर चले गए ! दिल हमारा साथ उठा कर चले गए !! सबे महफिल देखती ही रह गई ! वो मस्त ऑखों से पिलाकर चले गए !!

मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016

होती अगर मोहब्बत बादल के साये की तरह,
तो मैं तेरे शहर में कभी धूप ना आने देता।

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2016

लोग आज भी तेरे बारे में पूछतें हैं कहा है वो, मैं बस दिल पर हाथ रख देता हू...