शनिवार, 23 नवंबर 2019

कल तक जो मेरे लफ्जों में हूआ करते थे, आज वोह मेरी खामोशी में है.

बुधवार, 30 अक्टूबर 2019

तुम्हारा इंतज़ार रहता है .. ये जानते हुए कि तुम जा चुके हो

साथ चलते किसी के सपनों को अपना बना लिया, फिर वो अपना ही अपना ना रहे तो उन सपनों का क्या करे?

मंगलवार, 15 अक्टूबर 2019

उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं,
ये दिल उसका है, अपना होता तो बात और थी...

बडी खामोशी से भेजा था गुलाब उनको,

पर खुशबू ने सारे शहर मे हंगामा कर दिया।

शनिवार, 2 मार्च 2019

हमें क्या पता था, मौसम ऐसे रो पड़ेगा;
हमने तो आसमां को बस अपनी दास्ताँ सुनाई थी।

सोमवार, 11 फ़रवरी 2019

प्रेम तो सिर्फ सुकून ही देता है..... घुटन ... उससे जुड़ी अपेक्षाएं देती है..