रविवार, 1 दिसंबर 2019

प्यार निभाना आना चाहिए सहाब, हो तो सबको जाता है।
तुझे मेरा होना है कि नही यह तो किस्मत पर है 
पर तुझे अपना मान कर बहुत सुकून मिलता है।
उम्र कम थी और "इश्क" बेहिसाब हो गया~~ उम्र बढ़ती गई और ये"रोग" लाइलाज हो गया
डाल कर आदत बेपनाह याराना की अब कहते है कि समझा करो वक़्त नही है!
लबों की ख़ामोशियाँ मिट जाएँगी साथ मेरे शायद तुम समझ पाओ ये मेरी सिसकियाँ 
धीरे धीरे दामन वफ़ाओ का शायद काँटो की सेज लगने लगेगा , फिर चले आएँगे , तुम पुकार लेना
💕
तुम्हारे ख्याल, डायरी, शायरियाँ....
इश्क बिखरा पड़ा है कमरे में....