मंजिल तो हांसिल कर ही लेंगे हम कहीं किसी रोज,.
ठोकरें !! ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ !...
ठोकरें !! ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ !...
हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं.... मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो...! किशन लाल डांगी भमावत थूर, उदयपुर , मेवाड़ मो. 0917891529862