मंगलवार, 12 सितंबर 2017

नसीब से ज्यादा भरोसा तुम पर किया था.....फिर भी... नसीब इतना नहीं बदला.. जितना तुम बदल गये... 😄

अभी तक मौजूद हैं इस दिल पे तेरे क़दमों के निशान, मैंने तेरे बाद किसी को इस राह से गुजरने नहीं दिया...

सोमवार, 11 सितंबर 2017

हम भी फूलों की तरह कितने बेबस हैं , कभी किस्मत से टूट जाते हैं , कभी लोग तोड़ जाते हैं.

मेरे आंसू और तेरी यादों का कोई तो रिश्ता जरूर है कमबख्त जब भी आते है दोनों साथ ही आते है.

रविवार, 10 सितंबर 2017

मुझें छोड़कर वो खुश हैं, तो शिकायत कैसी. .
अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो मोहब्बत कैसी.....

शनिवार, 17 जून 2017

वो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे,हमें ही मिल गया खिताब-ए-बेवफा क्योंकि,हम हर दर्द मुस्कुराकर छुपाते रहे

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017

फिक़र तो तेरी आज भी है पर, जिक़र करने का हक़ नहीं रहा !!