सोमवार, 31 मई 2021

गैरो से पुछती है तरीका निज़ात का।

अपनो के साज़िशोँ से परेशान जिंदगी॥

शनिवार, 29 मई 2021

“मुमकिन नहीं  हर वक़्त  मेहरबां  रहे जिंदगी..

कुछ लम्हे जीने का तजुर्बा भी सिखाते है..”

शुक्रवार, 28 मई 2021

किरदार उनका बुरा नही था,

शायद वो हालात से मजबूर था।।
👉💔😭
वैसे तो हर बात सुनती थी वो मेरी बड़ी गौर के साथ...

बस मेरे इजहार ए इश्क़ को ही वो हंसकर टाल जाती थी...
मुमकिन नही मुलाकात हो तुमसे फ़िर उसी तरह...

हम ख्वाबो के सहारे ही जैसे तैसे अब गुज़ारा करते है...
वैसे तो हर बात सुनती थी वो मेरी बड़ी गौर के साथ...

बस मेरे इजहार ए इश्क़ को ही वो हंसकर टाल जाती थी...

गुरुवार, 27 मई 2021

सिर्फ एक ही शख्स से महोब्बत करी जनाब...

जमाने के दस्तूर से हम भटके हुए लोग है...