बुधवार, 30 जून 2021

वक्त मेरा हो न हो,

मैं हर वक्त तेरा हूं..!!
कई अरसे उसने मुझे अंधेरे में रखा...

फिर हुआ यूँ मुझे अंधेरे में दिखने लगा ...!!
समुन्दर का ख़ौफ़ न दो जनाब..

हमने हँसते गालों मे भँवर देखे हैं...!!

मंगलवार, 29 जून 2021

कमाने  की उम्र में  मोहब्बत कर बैठे,

अब रोटी नहीं दर्द सुब्ह शाम खाते हैं।
सवारी सिर्फ़ एक उतरी थी ,
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और मैं .. भरी गाड़ी में तन्हा रह गया था
इतिहास में कहां दर्ज होते हैं ....... 
वो युद्ध 
जो मन के भीतर चलते हैं

सोमवार, 28 जून 2021

चाहे मेरे जज्बातों का कत्ल कर दे,,

बस एक बार तू मेरा है ये सबूत दे दे।✍️