बुधवार, 21 जनवरी 2026

मुझे जवाब नही आते, उन्हें सवाल नहीं आते, ..... 
खामोश गुफ्तगू का, मज़ा ही कुछ और है...

मंगलवार, 13 जनवरी 2026

दवा दर्द की ढूंढने थे निकले,
वजह खुद ही थे ये मालूम न था।
तबाही के मंजर में भी हंसते हैं 
सोचो इश्क ने किस कदर तबा किया है हमें।

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025

खुद से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे;उनकी ही याद में दिन रात जिया करते थे;गुज़रा नहीं जाता अब उन राहों से;जहाँ रुक कर हम उनका इंतज़ार किया करते थे।

खुद से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे;
उनकी ही याद में दिन रात जिया करते थे;
गुज़रा नहीं जाता अब उन राहों से;
जहाँ रुक कर हम उनका इंतज़ार किया करते थे।