शुक्रवार, 30 जनवरी 2026

चुप हैं किसी सब्र से तो पत्थर न समझ हमें,दिल पे असर हुआ है तेरी बात-बात का।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें