रविवार, 27 सितंबर 2015

मंजिल तो हांसिल कर ही लेंगे हम कहीं किसी रोज,.
ठोकरें !! ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ !...
दिल मे उजले काग़ज पर हम कैसा गीत लिखें
बोलो तुम को गैर लिखें या अपना मीत लिखें
"हम क्या है वोतो सिर्फ हम ही जानते है... लोग तो सिर्फ हमारे बारे में अंदाजा लगा सकते है "...

शनिवार, 19 सितंबर 2015

इश्क में जिस ने भी बुरा हाल बना रखा है,
वही कहता है अजी इश्क में क्या रखा है.........
हम तो बिछड़े थे तुम को अपना एहसास दिलाने के लिए,
मगर तुमने तो हमारे बिना जीना ही सिख लिया......
बहुत, बहुत, बहुत रोयेगी उस दिन जीस दिन में याद आऊंगा के
था कोई पागल जो पागल था सिफॅ मेरे लिए
किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम...,
.
चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।”
जन्नत की तलाश तो उन्हें होती, जिन्हे जन्नत की परवाह होती
मेरी जन्नत तो तुमसे, शुरू और तुम्ही पर खत्म होती..
मिल जाती अगर सभी को अपनी मोहब्बत में मंजिल,
तो यक़ीनन रातों के अँधेरो में कोई दर्द भरी शायरी नहीं लिखता.........॥
कहीं तुम भी न बन जाना किरदार किसी किताब का,
लोग बड़े शौक़ से पड़ते है कहानियाँ बेवफाओं कि.........॥
नजदीक ही रहता है वो मिलने भी नहीं..... आता मुस्कुराके कहता है... तुमसे मोहोब्बत है तुमसे क्या मिलना ...

गुरुवार, 17 सितंबर 2015

तेरा नाम लिखने की इजाज़त छिन गई जब से,
कोई भी लफ्ज़ लिखता हूँ तो आँखें भीग जाती हैं.
देखकर तुमको अकसर हमें एहसास होता है,
कभी कभी ग़म देने वाला भी कितना ख़ास होता है
गम ना कर ऐ दोस्त,
.
.
तकदीर बदलती रहती है,...
‪#‎शीशा‬ शीशा ही रहता है,
तस्वीर ‪#‎बदलती‬ रहती है..
वक़्त मिले तो प्यार की किताब पढ़ लेना,
हर प्यार करने वाले की
कहानी अधूरी होती है
सूंदर लाइन
समय कई जख्म देता हैं
इसलिये शायद
घडी में फूल नहीं काटे होते है|
आँखों मे आ जाते है आँसू,
फिर भी लबो पे हसी रखनी पड़ती है,
ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो,
जिस से करते है उसीसे छुपानी पड़ती है…
!! तरकीब ए सितम का तरीका
भी था उसे मालूम..
पहले पागल किया फिर पागल कह कर
छोड़ दिया...!!
" मेरे गम ने होश उनके भी खो दिए;
" मुझे समझाते-समझाते वो खुद ही रो दिए।
लिखी कुछ शायरी ऐसी तेरे नाम से....
कि...
जिसने तुम्हे देखा भी नही,
उसने भी तेरी तारीफ कर दी..
ये इश्क़ भी बड़ी ना मुराद चीज़ है., .
.
.
उसी से होता है जो किसी और का होता है !!.
खफा नहीं हूँ तुझसे " ए-जिंदगी" बस जरा
.
.
दिल लगा बैठा हूँ इन उदासियों से..
आप को पा कर अब खोना नहीं चाहते,
इतना खुश हो के अब होना नहीं चाहते,
ये आलम है हमारा आप की जुदाई में,
आँखो में निंद है और सोना नहीं चाहते..
चलो आज चक्कर लगाने जाते हे
दुश्मन की गली मे......
देखना हे अपने दिल की धड़कन तेज
होती ह....
या दुश्मन की.....!!!!!!""
आँसू निकल पड़े खवाब मैं उसे दूर जाता देख कर,...
आँख खुली तो एहसास हुवा इश्क सोते हुए
भी रुलाता है...!!
दिल "चाहे " lefT मे हो,
लेकिन उसकी "feelings"
हमेशा "right" होती हैं....
ज़िन्दगी में सब लोग दोस्त या रिश्तेदार
बन कर नहीं आते...
.
.
.
कुछ लोग "सबक" बन कर भी
आते है...
मंजिल तो हांसिल कर ही लेंगे हम कहीं किसी रोज,.
ठोकरें !! ज़हर तो नहीं जो खा के मर जाएँ !...

मंगलवार, 15 सितंबर 2015

तूझमे और मूझमे फरक तो इतना सा है,
मै थोड़ासा पागल हूं, और मूझे पागल बनाया तूने है..
ये आशिकों का शहर हें "साहिब " यहाँ सवेरा सुरज से नहीं
किसी क दीदार से होता हे
उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो;
जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो;
इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है;
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो।
किसी भी पेड़ के कटने का आज "क़िस्सा" न होता..!
अगर "कुल्हाड़ी" के पीछे... "लकड़ी" का हिस्सा न होता...!!!
सारांशः_मित्रो हमेशा किसी अपने को काटने में किसी न किसी अपने का हाथ होता ही हे ,,!!!

सोमवार, 14 सितंबर 2015

जो दिल के आईने में हो वही हे प्यार के काबिल ,
वरना दिवार के काबिल तो हर तस्वीर होती हे ।
आज उसने बहुत अजीब सी बात कही....!
.
तुम जिन्दगी हो मेरी....और मुझे जिन्दगी से नफरत है.
जाने मेरी कितनी ख्वाहिशों का बोझ उठा कर ....
.
.
.
ये तकिया रोज़..
मेरे साथ सो जाता है ...
तरस गए हैं तेरे लब से कुछ सुनने को हम…..
प्यार की बात न सही….
कोई शिकायत ही कर दे…
बचपन में जिस साइकिल को चलाने के लिए मचलते थे,
आज उसे छूने पर भी बेइज्जती महसूस
करते हैं.
वाकई में हमने बहुत तरक्की कर ली!
मत खोलना मेरी किस्मत की किताबों को हर उस शख्स ने दिल दुखाया है जिस प हमको नाज़ था
सूना है तेरी सुरत को देखने वाले....
कोई और नशा नहीं करते..!!
तेरे होठों से भी क्या खूब नशा मिला....
यूँ लगता है तेरे जूठे पानी से ही शराब बनती है|
तुम उसको याद क्यो करते हो जो तुम्हे याद ही नही करती ........
तडप कर दिल बोला - "मोहब्बत" करने वाले कभी "मुकाबला" नही करते...!
तुम्हे कोई और देखे ,तपडता है दील
बडी मुश्कीलो से फीर संभलता है दील ...!
अब तो कभी कभी खुद से
माफी मांग लेता हूँ
मैंने अपने ही दिल का
बहुत दिल दुखाया है
वो अधनंगा बच्चा ठीक उसी दुकान के बाहर खड़ा था....
चमचमाते कपड़े जहा पुतले पहने हुए थे.....!
ये दिल बुरा ही सही, सरे-बाजार तो न कहो,
आखिर तुमने इस मकान में कुछ दिन गुजारे भी है..!!
दिल दुखाया करो इजाजत है,
भूलने की बात मत करना.!!
दो चार नही मुझे सिर्फ एक दिखा दो,
वो शख्स जो अन्दर भी बाहर जैसा हो.
मुस्कुराने की आदत भी कितनी महँगी पड़ी हमको......
भुला दिया सब ने ये कह कर की -
"तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो...!!!"
सुन कर ग़ज़ल , शायरीया मेरी...
वो अंदाज़ बदल कर बोली...
कोई छीनो कलम इससे, ये तो जान ले रहा है....


भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862

पत्थर तो बहुत मारे थे लोगों ने मुझे,
लेकिन जो दिल पर आ के
लगा वो किसी अपने ने मारा था.......
मोहब्बत भी ईतनी शीद्दत से करो कि,
वो धोखा दे कर भी सोचे के
वापस जाऊ तो किस मुंह से जाऊ.
जरुरत तो मुझे तेरी आज भी है...
पर वो कहते है न की
मोहब्बत भी जरुरी थी और बिछङना भी जरुरी था।
ना हीरो की तमन्ना है और ना परियों पे मरता हूँ .
वो एक भोली सी लडकी है जिसे मैं मोहब्बत करता हूँ
इश्क का बटवारा भी, बडी रजामंदी से हुआ हमारा.....!!
खुशियाँ उसने बटोर लीं, दर्द मैं ले आया....!!
वो बोले क्या अब भी हमारी याद
आती है…!!!!
हमने भी हसकर बोला अपनी बर्बादी को
कोन भूल सकता है…!!!
"तेरे खयाल से ही एक रौनक आ जाती है मेरे दिल में,
.
तुम रूबरू आओगी तो जाने क्या आलम होगा!"..
लोग समझते हैं कि
नरम दिल वाले बेवकूफ होते हैं.
. . .
जबकि सच्चाई यह है कि
नरम दिल वाले बेवकूफ नही होते,
. . .
वे बखूबी ये जानते हैं कि लोग उनके साथ क्या कर रहे हैं,
. . .
पर हर बार लोगों को
माफ करना यह जाहिर करता है
. . .
कि वो एक
खूबसूरत "दिल" के मालिक हैं
और वे "रिश्तों" को सँभालना बखूबी जानते हैं....
जिन्दगी में दो चीजे कभी मत कीजिए..
झूठी लडकी के साथ प्रेम और सच्ची लडकी के साथ गेम।।
टूट कर बिखर जाते है वो लोग मिट्टी
की दीवारो कि तरह,
जो खुद से भी ज्यादा किसी और से
मुहब्बत किया करते है...

रविवार, 13 सितंबर 2015

पानी ने दूध से मित्रता की और उसमे समा गया... जब दूध ने पानी का समर्पण देखा तो
उसने कहा-'मित्र तुमने अपने स्वरुप का त्याग
कर मेरे स्वरुप को धारण किया है,अब मैं भी
मित्रता निभाऊंगा और तुम्हे अपने मोल
बिकवाऊंगा।' दूध बिकने के बाद जब उसे उबाला जाता है तब पानी कहता है.. अब मेरी
बारी है मै मित्रता निभाऊंगा और तुमसे
पहले मै चला जाऊँगा... दूध से पहले पानी उड़ता
जाता है जब दूध मित्र को अलग होते देखता
है तो उफन कर गिरता है और आग को बुझाने
लगता है, जब पानी की बूंदे उस पर छींट कर उसे अपने मित्र से मिलाया जाता है तब वह
फिर शांत हो जाता है। पर इस अगाध प्रेम में
थोड़ी सी खटास (निम्बू की दो चार बूँद)
डाल दी जाए तो दूध और पानी अलग हो जाते
हैं... थोड़ी सी मन की खटास अटूट प्रेम को
भी मिटा सकती है।
रिश्ते में खटास मत आने दो... क्या फर्क पड़ता है हमारे पास
कितने लाख, कितने करोड़, कितने घर,
कितनी गाड़ियां हैं, खाना तो बस दो ही
रोटी है। जीना तो बस एक ही ज़िन्दगी है।फर्क इस बात से पड़ता है, कितने पल हमने
ख़ुशी से बिताये, कितने लोग हमारी वजह से खुशी से जीए।


भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862
~तुझे पाने कि जो कसक है,
~धड़कन बन के दिल में रहती है,,
~कभी ना कभी मिलेगें हम,
~हर साँस मेरी ये कहती है,,.
गलतियां भी इश्क़ की तरह होती है ।
करनी नही पड़ती हो जाती है ।।
" जिस देश का बचपन भूखा हो,
उस देश की जवानी क्या होगी ? "
मेरा प्यार तुम्हें उस वक्त बहुत याद आएगा
पगली...
जब तुम्हें हँसाने वाले कम और रुलाने वाले ज़्यादा होंगे।
चलते-चलते मेरे कदम हमेशा यही सोचते है,
कि किस और जाऊ तो तू मिल जाये...!!
जो जले थे "हमारे" लिये,
"बुझ" रहे हैं वो सारे दिये,
.
कुछ "अंधेरों" की हैं साजिशें_____
कुछ "उजालों" ने धोखे दिये |
नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार पे….
अगर में तेरे ही अंदाज मे तुझसे बात करुं…
"माफी"_____गलतियों की होती है,
.
"धोखे" की नहीं |
क्या ऎसा नहीं हो सकता के हम तुम से तुमको माँगे ?
और तुम मुस्कुरा के कहो के अपनी चीजें माँगा नहीं करते....!

शनिवार, 12 सितंबर 2015

क्या कहा,
बिना वजह ही बर्बाद हो रहे हैं हम?
अरे नही साहेब, हमने इश्क किया है...!


भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862
इन्कमटैक्स वालों को एक वर्ष का हिसाब देनेमें इतनी घबराहट होती है
तो ईश्वरको सारे जीवनका हिसाब देते समय क्या दशा होगी l
सोचो !


भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862
जिन्दगी एक रात है, जिस में ना जाने कितने ख्वाब हैं, जो मिल गया वो अपना है, जो टुट गया वो सपना है, ये मत सोचो की जिन्दगी में कितने पल है, ये सोचो की हर पल में कितनी जिन्दगी है, इसलिए… जिन्दगी को जी भर कर जी लो…



भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862
"कामयाबी" का जुनून होना चाहीए...
फिर "मुश्किलों " की क्या औक़ात ...!

भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862

रिश्ते हमेशा "तितली" जैसे होते है
जोर से पकड़ो तो "मर" जाते है
छोड़ दो तो "उड़" जाते हैं
और प्यार से पकड़ो तो उँगलियों  पर
अपना "रंग" छोड़ जाते है..

भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862

कितना सुंदर लिखा है किसी ने। प्यास लगी थी गजब की...मगर पानी मे जहर था...
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते...
बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
वक़्त ने कहा.....काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा....काश थोड़ा और वक़्त होता!!!
सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए ।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।
"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है . और "किस्मत" महलों में राज करती है!!
"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी, पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने, वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता".. =-)



भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862


शुक्रवार, 11 सितंबर 2015

शांत बेठा हु बदनामी के डर से  जिस दिन मुड घुम गया उठा ले जाऊंगा घर से !!
जिन्दगी एक रात है, जिस में ना जाने कितने ख्वाब हैं, जो मिल गया वो अपना है, जो टुट गया वो सपना है, ये मत सोचो की जिन्दगी में कितने पल है, ये सोचो की हर पल में कितनी जिन्दगी है, इसलिए… जिन्दगी को जी भर कर जी लो…


भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862