सोमवार, 14 सितंबर 2015

सुन कर ग़ज़ल , शायरीया मेरी...
वो अंदाज़ बदल कर बोली...
कोई छीनो कलम इससे, ये तो जान ले रहा है....


भमावत 
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें