जीवन के अनमोल पल का विश्लेषण करते हुए एक ख्याल आया , जिससे हमें पहला इश्क़ होता है वो हमारा क्यूँ नही हो पाता ? और हम इतने लाचार हो जाते हैं कि उसे जाने भी दे देते है बड़े आसानी से , बिना किसी रोक टोक के और यूँ ही सब कुछ होने देते हैं और ईश्वर से उम्मीद लगाए रहते है वो लौट जाए :(
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