गुरुवार, 26 दिसंबर 2019

हर शमा बुझी रफ्ता रफ्ता.. हर ख्वाब लूटा धीरे धीरे.. शीशा ना सही पत्थर ही सही.. दिल टूट गया धीरे धीरे !!

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