शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

सुना है काफी पढ़े लिखे हो तुम, 
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते..!!
बस ज़ाहिर नहीं करता वरना दर्द मुझे भी होता है...!
कितनी अजीब है मेरे अंदर की #तन्हाई भी...

हजारों अपने है मगर याद तुम हीं आते हो ......
खाब्ब मे खाब्ब से खाब्ब का सौदा कर लिया, तुम्हारे सिवा ओर किसी को ना चाहेंगे तुमको चाहते थे तुम्ही को चाहेंगे......
कुछ इस तरह इश्क़ करना है तुमसे.... होठो की लाली से ज़्यादा झाँझर के शोर पे दिल आये
दिल
तेरी हर बात मान लेता है कोई तो जादू है— मेरी जान तुझ में ... 
मैं तेरा तकिया तू मेरी रजाई आई लव यू मेरी होने वाली लुगाई
जब मै लिखूं सुकून ... तुम आईना देखना और मुस्कुराना...!! 
मसला ये नहीं कि मुझे दर्द कितना है, मुद्दा ये है कि तुझको परवाह कितनी है
काश कोई ऋषि दुर्वाशा होते जो श्रापित करते मुझे और मैं दुष्यंत की तरह तुम्हे भूल जाता..
😊
आदत थी रिश्तों में, ``दूध-शक्कर की तरह घुल मिल जाने की`` पर याद ही नहीं रहा की ``ज़माना तो शुगर फ़्री हो गया है``
मै डूबा तो समंदर को भी हैरत हुयी अजीब शख्स है... किसी को पुकारता तक नहीं...!!
जब खुदा बन ही गए हो.... तो इबारत के क़ायदे भी बता दो...
कितना मुश्किल हैं जीना...!!! जिसके लिये जीना... उसके बिना जीना...???
ये कैसा प्यार है तुम्हारा जो सिर्फ मेरे लिए ही इतना सख्त है मुझे छोड़कर तुम्हारे पास हर किसी के लिए वक्त ही वक्त है
बेमतलब , बेमकसद , बेपरवाह सा हूँ , एक टूटती ज़िन्दगी का गवाह सा हूँ...!!

उलझनें,शिकायतें,तकल्लुफ़ सब तोड़ देता हूँ... जब तुम्हारे साथ होता हूँ,तो होश खो देता हूँ ।।
ना जाने कौन सी दवा है तुम्हारे पास,, कुछ पल साथ गुजार लूँ तो सुकूं सा मिलता है।
मेरे हिस्से की भी खुशियों को मैंने उसपे ज़ाया कर दिया....... और वो रूठ के हमसे ही हमे गम थमा गयी ......

गुरुवार, 30 जनवरी 2020

जिस पेड़ पर बाँधा था
 " तुझे पाने के लिए " मन्नत का धागा" 
ससुरे नगर निगम वाले वो पेड़  काट कर ही ले गए😂

बुधवार, 29 जनवरी 2020

मेरी इस दीवानगी में कसूर तो आपका भी है अगर आप इतने प्यारे न होते तो हम आप के इतने दीवाने न होते 
जब मोहब्ब्त कुबूल न थी तो होश ग़ायब था अब जो है क़ुबूल तो नींद और सुकून भी नदारद है
प्यार, पागलपन, जिद्द और इमोशनल, शायद ही मेरे से बढ़कर यहाँ किसी दुसरे मे हो..
मुझे महसूस करने के लिए , तुम्हे एहसासों को समझना जरूरी है ।।
तमाम शहर से मैं जंग जीत सकता हूं मगर मैं तुमसे बिछड़ते ही हार जाऊंगा.

मंगलवार, 28 जनवरी 2020

वजह पूछोगे तो उम्र गुजर जायेगी,
कहा ना अच्छे लगते हो तो बस लगते हो।
मैंने रंग दिया हर पन्ना तेरे नाम से,
मेरी किताबों से, मेरी यादों से पूछ इश्क किसे कहते हैं।
“न लाऊँगा चाँद, न सितारे तुम्हारे वास्ते,, ⚘⚘ बनाऊँगा जमीं को तेरे लायक तेरे वास्ते..!!
जिस के साथ बात करने से ही ख़ुशी दोगुनी और दुःख आधा हो जाए वो ही अपना है बाकी तो सिर्फ़ दुनिया है...
ख्वाबों को जिंदा रखिए, ख्वाब आपको जिंदा रखते हैं..
“खुद” को माफ़ नहीं कर पाओगे.. जिस दिन “मुझे” समझ जाओगे।

सोमवार, 27 जनवरी 2020

एक तो वो गोरी ऊपर से ब्राह्मण की छोरी , समझ नही आता प्यार करूँ या उसकी पूजा...!!
😍
चेहरा देख कर दिल लगाया ही नही कभी... हां हँसी पर तेरी कई बार जान लुटाई है मेने... 
😍
तुझे तेरी जीत मुबारक जश्न तो मेरी हार का होगा
जीतते तो कॉफी लोग हैं लेकिन शायद ही हमसा कोई हारा होगा
दुनिया में होंगे लोग खूबसूरत पर तुम प्यारी हो
किसी और कि तरफ आँख उठा कर भी मत देखना तुम सिर्फ हमारी हो
मैं लब हु,मेरी बात हो तुम,
मैं तब हु जब मेरे साथ हो तुम।।
दिल की सुनी,तभी ये हाल है कि इश्क़ में हम बेेहाल है
रखता नहीं था मैं कोई गलतफ़हमी मगर मोहब्बत कमबख़्त ये भी करा गई
"__तुमसे अलग कुछ भी नही चाइये ज़िन्दगी में थोड़े से तुम,और तुम,फिर तुम,बस तुम ही तुम
सुनो हमारे बच्चे को स्कूल तक छोड़ने दोनो साथ जाएंगे
🙈
🙈
ठीक है
😋
एक तुम्हारे अकेले की कमी, बहुतों से बात करके भी पूरी नहीं होती....
तेरी गली से जो गुज़रे जमाने की नज़र मेरी तरफ हो गई..! 
एक तरसी हूई निगाह एक इशारे मै कह गाई। दिल ले गए हो तुम बस जान रह गई।
कभी खुद से भी सवाल कर, क्या तू वही है ?
दुल्हन बन के जो सामने आ जाओ.. कसम से , जान दे देंगे मुँह देखाई में ।।

शुक्रवार, 24 जनवरी 2020

इतने गौर से ना देख मेरे हाल को ए सादगी...

बिखरे हुए लोग अक्सर इसी हाल में रहते हैं..
इस क़दर टूट के बिख़रने लगे हम अपनी ही नज़र में झुकने लगे है हम !!
तुम से बेहतर तो नहीं हैं ये नज़ारे लेकिन! तुम ज़रा आँख से निकलो तो इन्हें भी देखूँ!
उसके 'जाओ' का ऐसा लहजा था . . . कि अभी तक वहीं खड़ा हूँ मैं
चाहे तो मेरी मोहब्बत को आजमा लो इसमें तुम्हें वफा ही मिलेगी

गुरुवार, 23 जनवरी 2020

कभी कभी हम गलत नहीं होते   है बस हमारे पास वो शब्द नहीं  होते है जो हमको सही साबित कर सके
ऐसी भी क्या बात हुई जो उन्होंने हमसे बात भी ना की
बहुत छोटी सी "घटना" थी प्रेम लम्बी प्रक्रिया तो तेरा इंतज़ार हैं..
तुझ में हूं मैं...... मुझे मुझसे मिला दे तू...
उनके दीदार के लिए ये दिल तड़पता है उनके इंतज़ार में दिल तरसता है क्या कहें कबख़्त दिल को अपना हो कर उनके लिए धड़कता है 
अच्छा #सुनो_ना जरुरी नहीं हर बार शब्द ही हों... कभी ऐसा भी हो कि मैं सोचूं... और तुम समझ लो!
#सुनो_ना .....⚘ यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर....
तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये....!!
#सुनो_ना ….. किया करो इतनी मोहब्बत हमसे, कि मुझे खुद की फ़िक्र करने की आदत पड़ जाये

बुधवार, 22 जनवरी 2020

____होश भी संभाला जाए तो कैसे जब उसके झुमके में रब का दीदार हो जाये ।। 
वो शौक़ नहीं... ज़ुनून है मेरी...
_____प्यार वो है जो हद में रहकर बेहद हो जाये ।। 
मेरी बंजर सी जिंदगी में बरसात हो तुम जो दिल को सुकून दे वो बात हो तुम 

मंगलवार, 21 जनवरी 2020

मुझे जवाब नही आते, उन्हें सवाल नहीं आते, ..... 
खामोश गुफ्तगू का, मज़ा ही कुछ और है...
कोई तुमसे सीखे मौजूद रहना मुझमें एक एहसास बनकर
लड़कियों को फँसाया नही बसाया जाता है, "अच्छे लड़को की यही पहचान होती है"
हमें पता है नींद नहीं आयेगी फिर भी कोशिश है तेरे ख़्वाबों के ख़ातिर
बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैने दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नही है..!!
उलझे सुलझे से सवालो में , तुम रहती हो सदा ख्यालो में ...
ये मुस्कुराने का सुहाना, अंदाज़ मुझे भी सीखा दो...⚘ वादे निभा निभा के थक गया हूँ मैं....

सोमवार, 20 जनवरी 2020

मेरे किरदार को समझने की कोशिश ना करो तुम
उसे समझने में दिल लगेगा पर तुम दिमाग वाले हो..!!
मैने तडप कर कहा बहुत याद आते हो तुम…
वो मुस्करा कर बोले तुम्हे और आता ही क्या है…|
अपना दिल दे दिया तुम्हें अपनी हँसी दे दी तुम्हें अपनी नींदे दे दी तुम्हें अपना चैन दे दिया तुम्हें अपने सपने दे दिये तुम्हें अपना विश्वास दे दिया तुम्हें अब तुम ही बताओं पूरी कायनात में ऐसा इश्क़ भला कौन करेगा तुम्हे?
दे उस जगह का पता मुझे जहाँ तेरी यादों का आना जाना ,ना हो।।
लफ़्ज ख़ामोश हैं आज तुम ऐसा करो मेरी आँखें पढ़ लो
जो हो सके तो ज़्यादा ही चाहना मुझको ... कभी जो मेरी मुहब्बत में कुछ कमी देखो ...!!!
अकेले वारिस हो तुम मेरी बेशुमार चाहतों के ।।
अकेले वारिस हो तुम मेरी बेपनाह मोहब्बतो के ।।
आपको हर हाल में हँसाने वाला अगर रोने लगें,, तो समझ जाना जरुर कोई बात है !!
चुरा ले गयी वो रूह को मेरी मैं दिलगी किसी से अब कर नही सकता।।
ठंड जा नही रही ,और वो आ नही रही...!!
जुल्फें रुख़ हुस्न अदाओं की बातें तो ख़ैर सभी कर लेंगे, लेकिन मेरी तरह तुम्हारी झुकी हुई नज़रों को कौन पढ़ पाएगा...

रविवार, 19 जनवरी 2020

आती है वो तो आएगी, हर रोज़ की तरह,
तेरी यादों को कहाँ आता है, इतवार समझ में...
रूठना भी तो मुमकिन नहीं बात बात में जान पर बात जो अटका देते हो...
वो Vacancy की तरह निकलती है। और मैं General वालों की तरह देखता रह जाता हूँ।
अजीब शर्त है दुनिया में मोहब्बत के लिए इक अजनबी की ज़रूरत है अजनबी के लिए।
फिसलती रेत से... सीख लो सबक जिन्दगी के... जोर अपनी जगह होता है... और नजाकत अपनी जगह.....
हमें समझो ना खुश इतना, लबों की मुस्कराहट से... हमारी आँखों ने पहले, हज़ारो हादसे देखे है...!!
तुम्हारी नाराजगी को देखते हुऐ बस ये ही कहने को दिल करता है की समझो ना कुछ तो समझो ना...!!
सुनो ना... मेरी उलझने और मत बढ़ाओ .. मेरे प्यार को समझो और पास चले आओ....!!
मुझे हाँ की ज़रूरत नही - मुझे ना की ज़रूरत नही.... मुझे तुमसे मोहब्बत के लिए किसी बयां की ज़रूरत नही......!

तुमसे प्रेम होना...जैसे तितली का कैक्टस के प्यार में पड़ जाना...!!
प्रेम में बुरे लोग हमेशा जीत जाते हैं .. अच्छे लोगों से..!!
काश तुम आकर मुझसे भिड़ जाओ ऐसे कोहरे में गाड़िया भिड़ती है जैसे...
थोड़ी सी स्वीट थोड़ी झगड़े वाली है
मेरी जान पूरी नखरे वाली है 
सबको प्यारी है अपनी ज़िन्दगी,

 पर तु मुझे

ज़िन्दगी से भी

प्यारी है.

शनिवार, 18 जनवरी 2020

मंदिर के दिये जैसी है याद तुम्हारी..!

बुझाना भी चाहूं ताे लोग फिर से जला देते हैं..!!
सुनो न. बहुत बेतरतीब बिखरा हुआ हूँ मैं, आकर खुद में समेट लो मुझे।
सिकवे तो ऐसे करते हो जैसे सिर्फ मेरे हो
बहुत अंदर तक तबाही मचाता है.. वो आँसू जो बह नही पाता है...!!
तेरे होने से है चेहरे पर रौनक हमारे तेरे बिना हम अक्सर उदास रहते हैं ..।।
कभी कभी लगता है लोग बुरे नहीं होते बस मै ही ज्यादा अच्छा हूं
रूठना भी तो मुमकिन नहीं बात बात में जान पर बात जो अटका देते हो....

शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

चंद कदम के फासले में कई दफा मुड के देखती थी वो.... उस वक्त लगता ही नहीं था कि ये शख्स भी बदल जाऐगा ।।
आगाज ए इश्क़ भी क्या खूब था.. क्या कहूँ...., पहले तो दिल लगी फिर दिल को जा लगी....
जब कोई लड़का कहे कि "वो तुम्हारे प्रेम में है" तो तुम चाहे उससे प्रेम ना भी करना पर थोड़ी देर रुक के उसको सुन जरूर लेना!!
दो चार दिन की मोहब्बत तुझे तबाह कर देती हैं.... औकात ही क्या है? जिंदगी.... तेरी...
वीरासत से नही मिलती मुहब्बत की तालीम, बस जिसे देख आँखों को सुकून मिल जाए वो ही इश्क है..
चले जाओ ले के अपने इन आवारागर्द यादों को, कम्बख्त आज, भी ये किसी का होने नही देते..
ज़ख्म चाहे कितने भी हरे हो, सब अंदर ही दबाये रखता हूं..!!
मैं इस काबिल तो नहीं कि कोई मुझे अपना समझे, मगर इतना यक़ीन है कि कोई अफ़सोस जरूर करेगा, मेरे जाने के बाद

गुरुवार, 16 जनवरी 2020

इस तरह से लोग रूठ गए मुझसे जैसे मुझसे बुरा इस दुनियां में कोई और नहीं.
ये सुर्ख होठ , और ऊपर से जालिम अंगड़ाइयाँ , तू ही बता ये दिल मरता न तो क्या करता....!! 
तुम्हारी आँखों में क़ैद, जैसे काजल बन जाऊँ.. चाहूँ तुझे इतना सिद्दत से, फ़िर चाहे पागल हो जाऊँ.!
वो इत्तेफ़ाक़ से यूँ तेरा मिलना किसी हादसें से कम नहीं था.. आज भी लगता हैं, जैसे ज़िन्दगी ICU में हैं
ग़ैर....को आने न दूँ तुम को कहीं जाने न दूँ काश मिल जाए तुम्हारे घर की दरबानी मुझे ..!!
हस रहा हूँ मैं बेइंतेहा ख़ुद पर ही आज सुबह से l मायूसी कभी यूँ भी छुपा लेते है तमाम शहर से ll
हर बार उड़ जाता है मेरा कागज़ का महल, फ़िर भी मुझे हवाओं की आवारगी पसंद है।
बहुत अंदर तक तबाही मचा देते हैं,,, वो आंसू जो आंखों से निकल नहीं पाते ...!!!
बहुत तड़पाते हैं वो ख़्याल जो अधूरे अधूरे होते हैं..! 
जब पूछा मैंने कितना चाहती हो..? बोली कभी मम्मी बनी तो, बच्चा आपका ही होगा..
मेरे मिज़ाज को समझने के लिए बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नहीं होता जो हर एक का हो जाये "

बुधवार, 15 जनवरी 2020

उसको जाना जबसे जाना है ख़ुद को, बस इतना ही अपना माना उसको..!! 
रफ रजिस्टर के एक कोने में... ज़िन्दगी तूने लिख दिया है हमें ।।
मैं साँस तक लूँ वो जान जाती है हवायें मुखबिर जो हैं उसकी 
कसूर क्या है इन धड़कनों का जनाब, चालाकियां तो कमबख़्त नज़रों ने की थी!
सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल तो पूँछ ही लिया करो, मालूम तो हमें भी है कि हम आपके कुछ नहीं लगते…!

मंगलवार, 14 जनवरी 2020

हम ने मोहब्बत के नशे में आकर
   उसको खुदा बना डाला
होश तो तब आया जब उसने कहा
खुदा किसी एक का नहीं होता
मिट्टी में मिला दे की जुदा हो नही सकता ,
अब इससे ज्यादा मैं तेरा हो नही सकता
मोहोब्बत ठण्ड जैसी है साहब  ,

लग जाये तो बीमार कर देती है  !
" कहीं फिसल न जाऊं तेरे ख्यालों में चलते-चलते,
रोको अपनी यादों को मेरे शहर में बारिश हो रही है..!! "~
ले लो वापस…ये आँसू…ये तड़प…और ये यादें सारी…
   नही हो तुम अगर मेरे…तो फिर ये सजाएँ कैसी….
जलजले तो बेपनाह थे इस कायनात में मगर  , 

हमारी इक वो निगाह थी जो तुम पर ठहर गई  !
कब तक उबल उबल कर 
खुद को जलायेगी

ऐ जिंदगी..
थोड़ा छलक क्यों नही जाती तू भी चाय की तरह।
ढूँढा करोगे हर किसी मे, देखना वो मंजर भी आएगा.....
हम याद भी आएंगे और आँखों में समंदर भी आएगा .
साल ता 12महीनेयां बाद भी ईक बार बदलदा है सजणा
मैं ता ईथे ओ लोक वेखे ने
जेड़े
ईक दिन च पता नी किन्नी बारी बदलदे ने
कितनी मोहब्बत है तुझसे कोई सफाई नहीं देंगे,
साये की तरह रहेंगे तेरे साथ लेकिन दिखाई नहीं देंगे !
मेरे दिल की मजबूरी को कोई इल्जाम ना दे,
मुझे याद रख बेशक मेरा नाम ना ले,
तेरा वेहम है की मैने भुला दिया तुझे,
मेरी एक सांस ऎसी नही जो तेरा नाम ना ले
बावरा सा मन खींचा जाए तेरी ओर, जैसे मैं एक पतंग और तू मेरी डोर...!!
बस दो ही लोगों के आगे झुकता हूँ मैं एक माँ है मेरी और दूसरी तुम।
बन्द कमरे में क्या हुआ मेरी सिसकियाँ राज नहीं उगलती..! कि आँसू निकलते हैं बहुत मगर ज़रा सी आवाज़ नहीं निकलती..!!
नही हूँ मैं किसी बड़े घराने का... फिर भी तुम्हे राजकुमारी की तरह रखूंगा...!!
जीतें हैं तुम्हें देख के, मरते हैं तुम्हीं पे तुम हो जहाँ, जाना मेरी दुनिया है वहीं पे 
संभल के रहना कल सुबह तुम्हारे पैर दुखने वाले है आज पूरी रात मेरे दिमाग मे तुम्ही चलने वाली हो.
तड़पा बहुत हूँ याद में मेरे आँसूू भी रोया करते हैं

सोमवार, 13 जनवरी 2020

एक हिस्सा कटा हैं चालाको और चालबाजो के साथ 
 अब अंदाजा हो जाता हैं जिदंगी तेरे हर कदम का

रविवार, 12 जनवरी 2020

उदासी का कोई भी घर नहीं होता ये वही पर रहती है जहाँ पे तुम नहीं होते
याददाश्त की दवा बताने में सारी दुनिया लगी है..!! तुमसे बन सके तो तुम हमें भूलने की दवा बता दो…!!
फकत पाँच फुट तीन इंच था कद उसका बहुत बड़ी नहीं थी मेरी दुनियाँ साहब
नसें काट कर खून निकाल रहा हूँ.. 
मैं तुझे पाने का जुनून निकाल रहा हूँ..
उदास दिल को कब तक मनाऊँगा जो समझना ना चाहें उसे कब तक समझाऊँगा!
तुम मेरी बे-बसी तो देखो, मुझे तुमसे मोहब्बत के सिवा कुछ आता ही नहीं..
मैं हूँ दिल है तन्हाई है तुम भी होते अच्छा होता
एक शाम और ढल गयी, एक दिन और जी लिया तेरे बगैर..?
एक उसका गुरूर जो कभी कम ही नही होता , और एक मेरी मोहब्बत जो दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है ।।
मैंने कब चाहा तुम भी मुझे चाहो.. बस मेरी चाहत को रोको तो नहीं!! मैंने कब चाही तुम्हारी तव्वजो.. मुझे नजरअंदाज करो तो नहीं !! मैंने कब चाहा हर पल याद करो.. बस मुझे भूलो तो नहीं !! मैंने कब चाहा साथ चलो मेरे.. मुझे पीछे चलने से रोको तो नहीं !!
अपनी वफ़ा का और क्या सबूत दूँ लाड़ो तेरी किश्ती में छेद था पर फिर भी मैंने सफर से इंकार न किया
मैंने कब चाहा बात करो मुझसे.. लेकिन मुझे सुनो तो सही!! मैंने कब चाहा मुझे अपनाओ.. बस मुझे बेगाना मत बनाओ!!
कुछ चुभते है मुझे शूल की तरह कुछ यार मुझे जान से भी प्यारे है 
कुछ तो अलग है शख्सियत उसकी वरना इतनी भीड़ में एक वही अपना सा क्यूँ लगा
मासूमियत तो देखो उनकी ख़ुद ही दर्द देते हैं ख़ुद ही मरहम लगाते हैं 
तुम और बातें तुम्हारी ऐसी हैं जैसे गहरा असर कोई दवा का..!! 
जिनके लिए मैने अपनी पूरी जिंदगी बदल दी .....
वो हमारे लिए अपनी एक आदत तक नही बदल सके......
तेरी यादों की नौकरी मे पगार कहाँ मिलती है.....! खर्च हो जाते हैं अश्क नैनों के रहमत कहाँ उधार मिलती है.....!!

कोई दिखता नही पर आवाज आती हैं
मेरी मोहब्बत शायद मुझको बुलाती हैं
मिल जाये गर बाँहों का तेरे सहारा
माँगू में उस रब से दुआ ये जरा
ये सर्द हवायें,बिखरे पत्ते,लम्बी शामें, 
ऐ जनवरी तू सब ले आया सिवाय उनके..
अन्दाजा लगाओ मेरी मोहब्बत का इस बात से ... कि मुझे तेरे नाम का हर शख्स अच्छा लगत है.....।।
पूछा जो उन से चाँद निकलता है किस तरह, 
 ज़ुल्फ़ों को रुख़ पे डाल के, झटका दिया कि यूँ.....
तुम्हीं से चलती हैं साँसे मेरे जज़्बातों की कि जान, तुम्हीं से है वजूद मेरे लफ़्ज़ों का 
तू प्यार पापा की भूल जाएगी मै तेरे इतने नखरे उठाऊँगा

शनिवार, 11 जनवरी 2020

प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी।
याद आयेगी हमारी तो बीते कल की किताब पलट लेना यूँ ही किसी पन्ने पर मुस्कुराते हुए हम मिल जायेंगे।
रोकने की कोशिश तो बहुत की पलकों ने मगर;
इश्क में पागल थे आँसू,
 ख़ुदकुशी करते चले गए.
पड़ी हैं चेहरे पर जुल्फ नकाब थोड़ी है
आपकी शरबती आंखे शराब थोड़ी है
मेरी चाहत देखनी है तो मेरे दिल पर अपना दिल रख, 

तेरी धडकने न बढ़ जाये तो मेरी मोहब्बत ठुकरा देना।
मन्नतें ख़ुदा से हजार मांगू...

मन्नत में तुम्हें हर बार मांगू.. 🙏
प्यार के दो मीठे बोल से खरीद लो मुझे , दौलत दिखाई तो सारे जहां की कम पड़ेगी . . !
कितना दिलचस्प है तेरी यादों का सिलसिला ,

कभी एक पल , कभी पल पल  कभी हर पल,
उन "होठों".. की बात न पूछो.....कैसे वो तरसातीे हैं.... "इंगलिश मे "गाना गाती हैं....और "हिंदी "...में शरमाती हैं....
फ़िर तेरी याद, फ़िर तेरी तलब फ़िर तेरी बातें ... 
क्यूँ मेरे दिल को तेरे बिन सुकून नहीं आता
कोई शाम कभी तन्हा न गुजरी हमारी कभी तुम साथ थी कभी यादें तुम्हारी
मैने कहा मुझे जन्नत ले चलो..!! उसने अपनी गोद मे सुला के जुल्फों की छाँव दे दी....!!!!

बुधवार, 8 जनवरी 2020

परवाने को शमा पर जलकर
कुछ तो मिलता होगा
यूं ही मरने के लिए कोई
मोहब्बत नहीं करता...
शिकवा करूं तो किससे करूं,
ये अपना मुकद्दर है अपनी ही लकीरें हैं।

रविवार, 5 जनवरी 2020

बस एक मोहब्बत ही मेरी,, जो न गिन पाये तुम बाकी मेरी हर गलती का हिसाब, बराबर रखते हो...!!!
खाश हो तुम ये एहसास दिलाते दिलाते.
साला हम आम हो गये !!!!!!
कुछ तो खाश बात है मुझमें,, जो मुझे अपना कहने वाले एक बार मुझे धोखा जरूर देते हैं,,
तुम ख़ास हो इसलिए हम लड़तें है तुमसे..! पराये होते तो मुस्कुराकर जाने देते..!!
हम ख़ास ख़ास करते रहे उनके लिए ये आम बात थी
मोहब्बत अँधेरी रात कोई और मैं जुगुनू सा फिरूँ..!
हमारी ख़ासियत नही थी कोई वरना हम भी तुम्हारे खास होते
मैं वही रूक जाऊँगा जहाँ तुम थक जाओ 
लाऊंगा मैं कहा से जुदाई का हौसला , क्यूँ इस कदर मेरे करीब आ गए हो तुम ।।
मोहब्बत में हर चीज कुबूल है पर...!! तेरी चाहतों का बंटवारा नहीं....!!!!

शुक्रवार, 3 जनवरी 2020

तेरी हर अदा को मोहब्बत शुमार करते हैं
इसी लिए तुझ पर हम जाँ-निसार करते हैं
दोष कांटो का कहाँ हमारा है जनाब
पैर हमने रखा
वो तो अपनी जगह पे थे
ख़त्म हो चुका हूँ संघर्षों से, फ़िर भी कमाल कर जाऊंगा..
डूबता हुआ सूरज हूँ, जाते जाते आसमां लाल कर जाऊंगा ।

बुधवार, 1 जनवरी 2020

ख़्वाबों की ज़मीं पर रखा था पाँव, छिल गया...
कौन कहता है "ख्वाब मखमली होते है..!!
.वो जिन्दगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही वो मोहब्बत ही क्या जिसमे यादें नही वो यादें ही क्या जिसमे तुम नही और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही
घमंड न करना जिन्दगी मे तकदीर बदलती रहती है.. 
शीशा वही रहता है बस तस्वीर बदलती रहती है...
सिर्फ रिश्ते टूटा करते हैं•••••
साहब••••••••
मुझे तो उनसे- इश्क़ हुआ है•••••