शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

दो चार दिन की मोहब्बत तुझे तबाह कर देती हैं.... औकात ही क्या है? जिंदगी.... तेरी...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें