मंगलवार, 1 सितंबर 2020

ये जो ज़िंदगी की किताब  है ये किताब भी क्या किताब है...

इंसान जिल्द संवारने में... मसरूफ़ है और पन्ने बिखरने को बेताब हैं...!!

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