रविवार, 15 नवंबर 2020

कभी वक्त मिला तो तेरी उलझी जुल्फें सवांरूगा ,

 अभी तो खुद उलझा हूं वर्षो पुरानी झालर को सुलझाने में

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें