सोमवार, 17 अक्टूबर 2022

मेरा छोटा सा वजूद भी खटकता है चंद लोगों की आंखों में, मैं इतना बड़ा भी नहीं बना जितनी साजिशें रचते है मुझे मिटाने की।

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