खुद से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे;
उनकी ही याद में दिन रात जिया करते थे;
गुज़रा नहीं जाता अब उन राहों से;
जहाँ रुक कर हम उनका इंतज़ार किया करते थे।
हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं.... मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो...! किशन लाल डांगी भमावत थूर, उदयपुर , मेवाड़ मो. 0917891529862