सोमवार, 6 जुलाई 2026

मिज़ाज में थोड़ी सख़्ती भी ज़रूरी है “जअसर शायद बेअसर हो गया है,
वो भी हमसे बेखबर हो गया है.!!

हमारे दिल पे क्या बीती वो क्या जाने,
उसके बगैर जीना अब दुश्वार हो गया है।।
मिज़ाज में थोड़ी सख़्ती भी ज़रूरी है “जनाब”
लोग पी जाते, अगर समुंद्र खारा ना होता ।

शनिवार, 4 जुलाई 2026

कभी कभी थक जाती है भावनाऐं,,,बेपरवाह लोगो पर न्यौछावर होकर🙂

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026

धोखा देती है शरीफ चेहरों की चमक अक्सर, . . . हर कांच का टूकड़ा हीरा नहीं होता.🌹

बुधवार, 21 जनवरी 2026

मुझे जवाब नही आते, उन्हें सवाल नहीं आते, ..... 
खामोश गुफ्तगू का, मज़ा ही कुछ और है...

मंगलवार, 13 जनवरी 2026

दवा दर्द की ढूंढने थे निकले,
वजह खुद ही थे ये मालूम न था।
तबाही के मंजर में भी हंसते हैं 
सोचो इश्क ने किस कदर तबा किया है हमें।

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025

खुद से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे;उनकी ही याद में दिन रात जिया करते थे;गुज़रा नहीं जाता अब उन राहों से;जहाँ रुक कर हम उनका इंतज़ार किया करते थे।

खुद से भी ज्यादा उन्हें प्यार किया करते थे;
उनकी ही याद में दिन रात जिया करते थे;
गुज़रा नहीं जाता अब उन राहों से;
जहाँ रुक कर हम उनका इंतज़ार किया करते थे।

सोमवार, 24 नवंबर 2025

ज़िद मत किया करो मेरी दास्तान सुनने कीमैं हँस कर कहूँगा तो भी तुम रोने लगोगे।

ज़िद मत किया करो मेरी दास्तान सुनने की
मैं हँस कर कहूँगा तो भी तुम रोने लगोगे।

उनसे शिकवे और शिकायत इतनी है कि नजरें मिलाने को मन नही करता,और मोहब्बत इतनी कि दूर जाने को दिल नही करता।

उनसे शिकवे और शिकायत इतनी है कि नजरें मिलाने को मन नही करता,
और मोहब्बत इतनी कि दूर जाने को दिल नही करता।