बुधवार, 4 दिसंबर 2019

कहो इसे तिश्नगी या मेरी नज़रों का कसूर.... तुम्हें देखने से दिल कभी भरता ही नहीं !!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें