हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं....
मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो...!
किशन लाल डांगी
भमावत
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862
रविवार, 1 दिसंबर 2019
जब कुछ सपने अधूरे रह जाते हैं...
तब दिल के अरमान आंसू बन बह जाते हैं ।
जो कहते थे सफ़र इक दूजे संग तय करेंगे ।
फिर क्यों वो हमसफर ही राह में तन्हा छोड़ जाते हैं?
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