सोमवार, 2 दिसंबर 2019

तमन्नाओं की महफ़िल तो हमनें भी सजाई थी तुम्हारे लिए अफ़सोस !तुम तक़दीर न बन पाए फ़क़त तस्वीर बने रह गए..!!

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