गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020

ख्वाहिशों की आदत भी कितनी बेतुकी हैं...

मुकम्मल होते ही फिर से बदल जाती है...!!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें