शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

सीने के ज़ख़्म पाँव के छाले कहाँ गए,

ऐ हुस्न तेरे चाहने वाले कहाँ गए।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें