हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं....
मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो...!
किशन लाल डांगी
भमावत
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862
शनिवार, 27 जनवरी 2024
अपनी आदत के मुताबिक़ चल रहें हैंहम आज भी जल रहें हैंमेरी आँखों में है अब भी वो सूरत बसी हुईहम रोज ज़रा ज़रा खुद को छल रहें हैंचाहे तो देख लो छूकर मुझे तुम ज़ख्म कितने मेरी सांसों में पल रहें हैं..!!!
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