शनिवार, 6 जनवरी 2024

बहुत फेरे लगाए थे हमनें तेरी गली के
पर कोई सात फेरे लगा के ले गया
बहुत नाम लेते रहे तेरा अपनी जुबां से
एक गैर अपना सर नेम देकर तुझे ले गया

बड़ा गुरुर था हमें अपनी मुहब्बत का
कोई सरकारी नौकरी दिखा कर ले गया
तुम मौन रही अच्छे वक्त के इंतजार में
और एक गैर तेरी मांग भर कर ले गया

सात जन्मों की कसमें खाई तुमनें
पर इस जन्म में तुझे कोई गैर ले गया
शिकायत है अब तुम्हे, मुझसे क्यों
तुझे वो तेरी मर्जी से ले गया

एक घर सपनों का बनाते रहे हम
कोई अपने छोटे से फ्लैट में ले गया
तुम मेरे संग अपना नाम जोड़ती ही रही
एक गैर काली गाड़ी में बैठा कर ले गया

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