हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं....
मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो...!
किशन लाल डांगी
भमावत
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862
गुरुवार, 6 जून 2024
कुछ अधुरे ख्वाब मेरे, जिसकी कशिश बाकी रही ..सुन ऐ मेरी ज़िन्दगी.. तेरी तपिश बाकी रही...कौन कहता है कि कुछ पल का साथ था तेरा - मेरा ..हर सांस में तुम मिलोगे.. ये तड़प बाकी रही...
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