जब कोई रिश्ता टूट जाता है तो घाव उतना ही गहरा होता है जितना की रिश्ता...
वैसे तो हर घाव हम हँस हँस के झेल लेते है...
तकलीफ तो तब होती है जहां से उम्मीद ना हो तकलीफ़ वहा से मिले...
एक आँधी आयी और नकाब उतर गया...
रिश्ता टूटनेका गम तो है...
लेकिन अच्छा हुआ एक भ्रम टूट गया...
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