मंगलवार, 31 मार्च 2020

नहीं मिला कोई तुम जैसा आज तक,

पर ये सितम अलग है की मिले तुम भी नही…

सोमवार, 30 मार्च 2020

निगाहों से भी चोट लगती है.. जनाब..
जब कोई देख कर भी अन्देखा कर देता है..!!

रविवार, 29 मार्च 2020

साथ जो उसका होता
 मैं हर गम सह लेता 
साथ उसके
 हर हाल में रह लेता।

शुक्रवार, 27 मार्च 2020

ऐ दिल मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी से;
इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा;
एक दिन टूट कर बिखर जायेगा अपनों के हाथों से;
किसने तोडा ये भी किसी से कह नहीं पायेगा।
महोब्बत की शम्मा जला कर तो देखो,
जरा दिल की दुनियाँ सजा कर तो देखो,
तुम्हे हो ना जाऐ महोब्बत तो कहना,
जरा हमारे करीब आ के  तो देखो......
लोग समजते हे की में तुम्हारे हुस्न पे मरता हूँ , अगर तुम भी यही समजते हो तो सुनो ; जब हुस्न खोदो तब लौट आना!
मेरा दर खुला हे खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए

सोमवार, 23 मार्च 2020

इश्क़ तो इश्क़ हैं, carona नहीं जो सिर्फ हाथ मिलाने से होता है नजदीकियां बढ़ाने से होता है... 
इश्क़ तो आशुफ़्ता-सरी की सी हालत हैं जो पसंद का साथी दिख जाने से होता है 

*आशुफ़्ता-सरी = पागल पन, दीवानगी
जिससे नहीं होना था उसी से हुआ ये इश्क़ बेग़ैरत, ऐसे कैसे हुआ!!
मै ज़िक्र तुम्हारा आदतन कर देता हूँ लोग पूछते तुम्हें.. आँखें भर आती मेरी.. पोंछ के आँसू मै तस्वीर तुम्हारी उन्हें दिखा देता
कितना खुबसुरत है दिल तेरा, लेकिन ये मेरा कब हुआ....
सुनो तुम यूँ ना शरमाया करो यार कभी तो घर मेरे आया करो यार
क्यों इश्क़ हुआ था उससे, ये अब तक समझ ना आया है।
कैसा अहसास है तेरा जो मेरे हृदय को छू जाता है....
एक बात हमेशा याद रखना दोस्तों,
ढूंढने पर वही मिलेंगे जो खो गए थे,
वो कभी नहीं मिलेंगे जो बदल गए हैं।

रविवार, 22 मार्च 2020

अगर होता है इत्तिफाक़ ..तो कुछ यूँ हो कि तुम रास्ता भूलों ..और मुझ तक चले आओ

शुक्रवार, 20 मार्च 2020

अगर सलीके से तोड़ते तुम मुझे_______

मेरे टुकड़े भी तुम्हारे काम आते______

बुधवार, 18 मार्च 2020

जो कानो तक नहीं पहुँचे वही अल्फाज मत होना
जिसे दिल जान ना पाये कभी वो राज मत होना
है मुमकिन गलतियों से गलतियों का भी तो हो जाना 
मुझे तुम कुछ भी कह लेना मगर नाराज मत होना......…।

रविवार, 15 मार्च 2020

लाज़मी है तेरा ख़ुद पर ग़ुरूर करना जिसे हम चाहें वो मामूली हो भी नहीं सकता...
उसको देखना , और फिर , बस देखते रहना..। 
ख़ुदा जाने कि, ख़ैरियत अब, कहते किसको हैं...?
जो जीते वो तो हम जीते जो हारे वो तो हम हारे यह मसला-ए-इश्क है जनाब क्या फर्क पड़ता है या वह जीते या हम हारे 
इन निग़ाहों को तुम्हारे दीदार की आदत है इसकी क्या सज़ा मुक़र्रर की है तुमने
 मोहब्बत तो अखिर मोहब्बत हैं जनाब , बस्स एक सफर ही तो हैं इन निगाहं के दरमिया का

बुधवार, 4 मार्च 2020

फुर्सत मिले तो चले आओ ना मेरे पास,*
देखो रंग में रंगने का दिन भी नजदीक आ गया 
शायरी से ज्यादा प्यार मुझे कहीं
नही मिला..
ये सिर्फ वही बोलती है, जो मेरा दिल
कहता है

मंगलवार, 3 मार्च 2020

बेवजह है,तभी तो मोहब्बत है। वजह होती,तो साजिश होती।।
इंसान कम थे क्या?
जो अब मौसम भी धोखा देने लगे।
बेवजह है,तभी तो मोहब्बत है। वजह होती,तो साजिश होती।।

रविवार, 1 मार्च 2020

हमें क्या पता था, मौसम ऐसे रो पड़ेगा;
हमने तो आसमां को बस अपनी दास्ताँ सुनाई थी।
ग़म ए हयात का झगड़ा मिटा रहा है कोई
चले भी आओ कि दुनिया से जा रहा है कोई !
शिकायत नहीं है आपसे, शिकायत है, उनसे जो शिकायत करते है आपकी हमसे!!!
बस इतनी सी ख्वाहिश हैं,,,, के उसकी कोई ख्वाहिश...!! अधूरी ना रहे,,,
ऐसे कैसे मोहब्बत का फ़साना बयान करे कोई, कि उसकी कमी भी महसूस हो और उसी से कहें भी ना!
राज़ की बात बताना है तेरे बिना मेरा कहा ठिकाना है
कह दो दिल की बात राज़ ना रखो, क्या पता कल हम हो ना हो..!
अर्ज किया है, चाय के कप से उठते धुए में तेरी शक्ल नजर आती है, ऐसे खो जाते है तेरे खयालों में कि, अकसर मेरी चाय ठंडी हो जाती है…
सारे इल्ज़ाम झूठे थे जो ग़ैरों पर लगाए मैंने जो शामिल था बर्बादी में वो मेरा हमराज़ था
जिस हंसी ख्वाब की तमन्ना थी मुझे बस वही बन गए हो तुम !
ख़ामोशी का सिलसिला शुरू हो गया मुहब्बत धीरे धीरे दम तोड़ने लगी है 
बेचैन हो उठता है दिल तुझे खोने के डर से अब तू ही बता इस बेचैनी मे हम जिए कैसे 
कैसी है मोहब्बत तेरी महफ़िल में मिले तो अनजान कह दिया...
तन्हा जो मिले तो जान कह दिया...
सिलसिला मोहब्बत का कहीं थम ना जाए...
इश्क़ में थोड़ा बेचैन होना भी ज़रूरी है..
हूँ मैं भी बेचैन तेरी तरह कहो तो सिलसिला मुलाकात का शुरू किया जाए...
कैसे छुपाऊं ये बेचैनी ये तड़प के तुम बिन ये दिल कहीं लगता भी तो नहीं...