सोमवार, 23 मार्च 2020

इश्क़ तो इश्क़ हैं, carona नहीं जो सिर्फ हाथ मिलाने से होता है नजदीकियां बढ़ाने से होता है... 
इश्क़ तो आशुफ़्ता-सरी की सी हालत हैं जो पसंद का साथी दिख जाने से होता है 

*आशुफ़्ता-सरी = पागल पन, दीवानगी

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें