सोमवार, 23 मार्च 2020

मै ज़िक्र तुम्हारा आदतन कर देता हूँ लोग पूछते तुम्हें.. आँखें भर आती मेरी.. पोंछ के आँसू मै तस्वीर तुम्हारी उन्हें दिखा देता

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