शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

नशा है ख़्वाब है तेरी इन आँखों में,

डुब जाता हूँ रोजाना तेरी आँखों में।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें