शुक्रवार, 2 जुलाई 2021

जर्रा जर्रा समेटकर खुद को बनाया है मैने...मुझसे ये न कहना बहुत मिलेंगे तुम जैसे...!!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें