शुक्रवार, 23 जुलाई 2021

है फूल सी नाज़ुक और दिल कठोर कितना,हम खुद है हारे हुए तू सताएगी कितना।।

है फूल सी नाज़ुक और दिल कठोर कितना,

हम खुद है हारे हुए तू सताएगी कितना।।

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