रविवार, 5 मई 2024

यूँ ही मुलाकात नहीं होती किसी से इस संसार में, कोई अनदेखी डोर बंधी होती हैं एक दूजे से..!! 🖤

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें