मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

मैंने पुछा चाँद से कि देखा है कही, मेरे यार सा हसीन .... 
... चाँद ने कहा चांदनी की कसम नहीं _*नहीं , कहीं नहीं *

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