मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

हुस्न के क़सीदे तो, गड़ती रहेंगी महफ़िले.. झुर्रियां भी प्यारी लगने लगे, तो मान लेना इश्क़ हैं..!! 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें