हर चीज़ "हद" में अच्छी लगती हैं....
मगर तुम हो के "बे-हद" अच्छे लगते हो...!
किशन लाल डांगी
भमावत
थूर, उदयपुर , मेवाड़
मो. 0917891529862
बुधवार, 19 फ़रवरी 2020
तु दर्द दे,,,,,,,,,दर्द की,,,,,,,,,दवा दे तु
इश़्क के शोलों को,,,,,, लम्हों की,,,,,हवा दे तु
बन के काफ़िर,,,,,,, तेरे दर पे आए हैं,,,,,
"मुहब्बत मे डूब मरो",,,,,,,,ऐसी,,,,,बद्दुआ दे तु।
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