बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

तु दर्द दे,,,,,,,,,दर्द की,,,,,,,,,दवा दे तु इश़्क के शोलों को,,,,,, लम्हों की,,,,,हवा दे तु बन के काफ़िर,,,,,,, तेरे दर पे आए हैं,,,,, "मुहब्बत मे डूब मरो",,,,,,,,ऐसी,,,,,बद्दुआ दे तु।

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