शनिवार, 29 फ़रवरी 2020

कभी खामोशी से सुनो तो सुन पाओगे हमें भी,,,,,,

मेरी चुप में भी तुम्हारें लिए बहुत चाहत है,,,,,,,,

मंगलवार, 25 फ़रवरी 2020

अजीब अंदाज है मेरे महबूब कि मासूमियत का मै तस्वीर में भी देखू तो वो पलके झुका लेती है !
मैंने पुछा चाँद से कि देखा है कही, मेरे यार सा हसीन .... 
... चाँद ने कहा चांदनी की कसम नहीं _*नहीं , कहीं नहीं *
हुस्न के क़सीदे तो, गड़ती रहेंगी महफ़िले.. झुर्रियां भी प्यारी लगने लगे, तो मान लेना इश्क़ हैं..!! 
बेहद गुस्सा करते हो आजकल, नफरत करने लगे हो, या, मोहब्बत ज्यादा हो गयी..!!
तुम मेरी ज़िंदगी में शामिल हो ऐसे, मंदिर के दरवाज़े पर मन्नत के धागे हों जैसे..!!!
*खामोशी से तुम मेरे दिल मे ऐसे समा गये कि..!!* *धड़कन भी सुनू तो तेरा ही नाम आता है..!!*
लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से... तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से...
कैसे कहूँ मुझे तुझसे इश्क़ करने का सलीका नहीं आया था लाखों की भीड़ में भी मेरी निगाहों ने सिर्फ तुझे ही तुझे पाया था..
मेरी रूह की आवाज़ हो तुम,,,, कहा ना की,,,, बहुत ख़ास हो तुम,,,,
जो इतना लिखता हूं मै हमारे बारे में कभी पढ़ते भी हो वक़्त से थोड़े लम्हे उधार मांग कर
अब वो बोलती नहीं कुछ.. ... मै भी मुस्कुराके आगे बढ़ जाता हूँ
अर्जी लगा दी है मैंने
तेरी दिल
की अदालत में!!? 
वाजिब इंसाफ कर देना ........जिंदगी का सवाल है !??
तेरे दीदार की तलब तेरी चौखट तक खींच लायी... वरना फरिशतों ने बहुत बुलाया मैने जन्नत तक ठुकरा दी..
मेरे दिल ने जब भी दुआ माँगी है, तुझे माँगा है तेरी वफ़ा माँगी है, जिस मोहब्बत को देख के दुनिया को रश्क आये, तुझसे प्यार करने की वो अदा माँगी है।
सुहाना मौसम और हवा मे नमी होगी आंसुओ की बहती नदी होगी मिलना तो हम तब भी चाहेंगे आपसे जब आपके पास वक्त और हमारे पास सासों कि कमी होगी !!
चेहरा ग़ज़ल है आँखें कमल हैं... मेरी जान तू तो जिंदा ताजमहल है..
देखो हमें ना सिखाओ सलीका इश्क़ का हम रूह से करते हैं इश्क़ हुस्न से नहीं...
ये उसका किस्सा नहीं बस मेरी कहानी है...
मैं जिसका कुछ भी नहीं वो मेरी ज़िन्दगानी है...

अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे,
तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे।

सोमवार, 24 फ़रवरी 2020

अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे,
तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे।

रविवार, 23 फ़रवरी 2020

जिस जगह पर तुम्हारी बातों की कद्र नहीं क्यों उम्मीद करते हो, वहां तुम्हारे जज्बातों की कद्र होगी।
मोहब्बत के काफिले को कुछ देर तो रोक लो,,,,,, आते हैं हम भी पाँव से कांटे निकाल कर ....

शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

हमारी ज़िंदगी भी जन्नत होती अगर हम तुम आज साथ होते...
मुझे जन्नत क़बूल नहीं सिर्फ़ तेरा साथ चाहिए 
यक़ीनन दरमियाँ जो मौजूद होती है वो वीरानी होती है...! एक तरफ़ा इश्क़ की महज़ इतनी कहानी होती है.... !
क़यामत के रोज़ फरिश्तों ने जब मांगा ज़िन्दगी का हिसाब.. ख़ुदा खुद मुस्कुरा के बोला जाने दो मुहब्बत की है उसने...

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

हाल तुम सुन लो मेरा देख लो सूरत मेरी दर्द वो चीज़ नहीं है कि दिखाए कोई..

गुरुवार, 20 फ़रवरी 2020

जो हैरान है मेरे सब्र पर उनसे कह दो.... जो आंसू जमीन पर नहीं गिरते वो दिल चीर जाते हैं...!!!
हम तो बेजान चीजों से भी वफा किया करते हैं.. तो सोच तुझ में तो फिर भी मेरी जान बसती है.!!
हमसे भी पूछ लो कभी हाल ए दिल हमारा..
कभी हम भी कह सकें के दुआ है आपकी...
उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है...

बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

तुम बिन हम ऐसे जैसे बिना गीत संगीत के मूवी
खो गये तेरे इश्क मे हम इस कदर कि, अब तुम बिन एक पल भी गुजारा नही।
मर भी नही सकते है तुम बिन, मगर जिये भी तो कैसे बताओ
जिसे याद करने से होंठों पर मुस्कुराहट आ जाए, एक ऐसा खूबसूरत ख़याल हो तुम..
तुम क्या जानो कैसे रह रहे हैं तुम बिन पास होकर भी दूरी है कैसे समझा रहे हैं खुद को हर पल गिन गिन तुम क्या जानो कैसे रह रहे हैं तुम बिन
कैसे कहे की तुम बिन कैसा लगता महफ़िल में भी वीराने सा लगता
अपने वजूद पर फख्र है मुझे कौन क्या सोचता है मलाल नहीं
जरुरी है तेरे अहसास मेरे अल्फ़ाजों के लिये....तुम बिन हर शायरी अधुरी है मेरी...
एक अजीब सी बेताबी है तुम बिन रह भी लेते है और रहा भी नहीं जाता..
तुम बिन हम ऐसे जैसे बिन धडकन के दिल
तुम बिन हम ऐसे जैसे बिन पानी का झरना
हमारा सलाहकार कौन है, यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि, दुर्योधन शकुनि से सलाह लेता था और अर्जुन श्री कृष्ण से
इक छोटी सी झलक तेरी और.. मुस्कुराता सा ये दिन मेरा...!!!
सौ तरह से याद आते हो तुम,, और मुझे करवटें दो ही आती हैं...
ज़हर की जरूरत नहीं...इश्क है नज़रअंदाजी से ही मर जाएंगे !!
उसे बोलो ना-वो बेपरवाह ही रहे... हम बिना दस्तक के आये थे , बिना आहट के चले जाएंगे....
तुम ना समझे हमकाे,, ना ही समझने की कोशिस की,, हमने चाहा ही क्या था तुमसे... तुम्हारे सिवा.. 
तुम ना समझे हमकाे,, ना ही समझने की कोशिस की,, हमने चाहा ही क्या था तुमसे... तुम्हारे सिवा.. 
तु दर्द दे,,,,,,,,,दर्द की,,,,,,,,,दवा दे तु इश़्क के शोलों को,,,,,, लम्हों की,,,,,हवा दे तु बन के काफ़िर,,,,,,, तेरे दर पे आए हैं,,,,, "मुहब्बत मे डूब मरो",,,,,,,,ऐसी,,,,,बद्दुआ दे तु।
न पूछ दास्ताने मोहब्बत बड़ी लंबी कहानी है ___ मैं ज़माने से नहीं हारा बस -------- किसी की बात मानी है --
फुरसत में पढ़ना कभी हमारी शायरी को.. यकीन मानिये .. आपको यकीन हो जायेगा,.. "की, लफ्ज़ों में भी दर्द होता है"
*चाहने......की हद कब से होने लगी...* *अरे हद...से गुज़ारना ही तो मोहब्बत है...!!*
सँवरती है वो आईना देखकर सँवर जाये तो आईना देखता है ******
क्यूं चलाती हो तीर नैनों की कमान से , दिल तो घायल है तेरे चेहरे की मुस्कान से।।
इस से बढकर.. तुमको और कितना करीब लाँऊ मैं कि तुमको .. मन में रखकर भी मेरा मन नहीं लगता
उसको बहुत पसंद है मेरी आँखे और मेरी आँखो को उसका दीदार करना
फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा न था सामने बैठा था मेरे और वो मेरा न था...
आज फिर बैठे है इक हिचकी के इंतजार में,

पता तो चले कि पंडिताईन कब हमें याद करती है..
हर तरफ हैं चर्चे मेरे यार के मशहूर मेरे नाम से हुआ है वो
जितना पढ़ा किताबों मे इतना आसान नही था इश्क़

मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

मुट्ठी मे छुपा कर किसी जूगनू की तरह, 
हम तेरे नाम को चुपके से पढा करते है...
जब मोहब्बत बेहिसाब हो तो जख्मों का हिसाब क्या करना, अक्ल कहती है मारा जायेगा दिल कहता है देखा जायेगा
तेरा खुमार इस कदर चड़ गया है घर आंगन में जैसे तेरा नाम गूंज गया है
सुकूं मिलता है तेरा मेरे पास होने से तेरे न होने पर में अक्सर घबरा जाया करताा हूं
✍
किस से करूँ शिकायत तेरी , यहाँ खुदा भी सिर्फ तेरी ही सुनता है ...!
इक दिन, क्यू ना... एक घूंट चाय, तिरी झूठी प्याली से पी के देखू इक दिन, क्यू ना... आशिकों की बेबसी पे, मैं भी तो हँस के देखू

सोमवार, 17 फ़रवरी 2020

बेशक ख़त्म हो गया है सब कुछ दरमिया हमारे.. 
मगर फिर भी तुम मुझे याद आते बहुत हो 🌹
रिश्तों की ये नाज़ुक डोरी तोड़ी थोड़ी जाती है अपनी आंखे दुखती हो तो फोड़ी थोड़ी जाती है
दुनिया की हर इश्क़ की कहानी "रब ने बना दी जोड़ी" जैसी नही होती , कई कहानियां "हमारी अधूरी कहानी" जैसी भी होती है ।
ये एक बात समझने, में रात हो गयी हैं,
में उस से जीत गया या मात हो गयी हैं ।

रविवार, 16 फ़रवरी 2020

तड़प रहीं हैं मेरी साँसें, तुम्हें महसूस करने को,,,,,
रुबरू होकर दीदार की रस्म पूरी करो
तो कुछ बात बने...
बहक जाने दो मुझे, मेरे दिलबर की आगोश में... वो ही मेरी सल्तनत है, वो ही मेरा सुकून है...
नफ़रत करना तो कभी सिखा ही नहीं साहेब... हमने तेरा इंतजार किया है अपना समझ कर...
एक बस ख़ुदकुशी नहीं की है, इश्क़ में क्या नहीं किया वरना...
हमने तब तक देखा जब तक वो नही देखे.. फिर जब वो देखे तो हम नहीं देखे..
अनदेखे धागों से यूँ बांध गया कोई ... वो साथ भी नही है और हम आजाद भी नही हैं...
बे इरादा हुई मुलाकात उनसे, अब तमन्ना है की जिन्दगी साथ गुजरे....
न हवस तेरे जिस्म की न शौक तेरी लज़्ज़त का 
बिन मतलबी सा बन्दा हूँ तेरी सादगी पे मरता हूँ

शनिवार, 15 फ़रवरी 2020

दर्द ने किसी को तड़पाया ना होता,आंखों ने किसी को रुलाया ना होता,खुशी ही खुशी होती हर किसी के पास,अगर रब ने इश्क़ बनाया ना होता
मज़ाक में कह दिया उसने ये दिल 
                                  तुम्हारा है,
                                      
                  हक़ समझकर हमने धड़कने गिरवीं 
                                   रख दी!
बांसुरी से सीखा आज नया सबक-ए-ज़िंदगी....

तमाम ज़ख्म है सीने में तब भी गुनगुनाती है...!
सोचते रहते हैं रातभर करवट बदल बदलकर,
वो क्यों बदल गया, मुझको इतना बदलकर।
अभी ज़रा वक़्त है, उसको मुझे आज़माने दो.
वो रो रोकर पुकारेगी मुझे, बस मेरा वक़्त तो आने दो।
चलो कुछ तो है दरमिया हमारे ... खामोशी ही सही
एक बार उसने पूछा कि तुम्हे सबसे ज्यादा क्या पसंद है

मेने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया एक चाय

और दूसरे

तुम..
“ याद तेरी आयेगी हर रोज , मगर तुझे आवाज़ ना दूंगा . . लिखूगा हर स्टेट्स तेरे लिए , मगर तेरा नाम ना लूंगा . . !
जिस्म को पाना, इश्क़ का तकाजा नहीं 'दीव' रुह से रुह मिल जाये तो मुहब्बत है
सुकून मिलता है उनको सोचने भर से बेवजह हुए इश्क़ ने वजह दे दी 
तलब लगती है बार बार तुझसे बात करने की, पता नहीं कब तुम मेरी आदत बन गए हो.!!!!!!!

यूं सवालों के घेरे में मुझे न उलझाया करो सिर्फ एक बार मेरी आंखों को पढ़ कर तो देखो
कुछ तो दिल में अरमाँ दबाये बैठे थे वरना यूही नही बादल बन गरज जाते तुम
फिक्र बता रही है जिंदा है मोहब्बत फासलों से कह दो के ग़ुरूर ना करें.
मुझे तू इस क़दर अपने क़रीब लगती है, तुझे अलग से जो सोचूँ, अजीब लगता है..
उफ्फ, धड़कनों की ये बेसब्री ... इंतज़ार उसी का है जो बेफ़िक्र है


कोई तो ऐसी बात करो.... जिससे लगे कि तुम मेरे हो...!
मेने कहा पूरी मिर्ची हो तुम वो होटों को चूम कर बोली अब..!
देखा हजारों दफा आपको फिर बेकरारी कैसी है सम्हालते सम्भलता नहीं है दिल कुछ आपमे बात ऐसी है l
बाँट लेते हैं सारा गम.. मैं और चाय मिलकर आधा -आधा....
वो लड़की के फेर में आज फ़कीर बना फिर रहा है, जिसकी मां ने कभी राजा बाबू बना कर पाला था....।
कौन कम्बख्त मोबाइल की परवाह करता है? यहाँ तो लोगों के दिल ही हैंग हो गए हैं।
कुछ दूर मेरे साथ चलो हम सारी कहानी कह देंगे समझे ना तुम जिसे आँखों से वो बात मुँह जबानी कह देंगे....!!!
रेगिस्तान भी हरे हो जाते हैं जब अपने साथ ‘’अपने’’ *खड़े हो जाते हैं*

ख्वाब हमें ज्यादा नहीं आते यारों हम यहाँ अपनी हक़ीकत लिखते हैं...!!!
होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो…
बन जाओ मीत मेरे मेरी प्रीत अमर कर दो
मुझे रात को सूरज नहीं दिखाई देता
क्या यही अंधा प्यार है ?
फ़र्क नहीं पड़ता कोई अब दिल दुखाये, बता दो उन्हें घावों पर घाव दर्द नहीं करते।
सोचा नहीं इश्क़ कितना और इतना होगा कभी, कुछ इत्तेफ़ाक़ भी सच में ख़ूबसूरत बेहद हुआ करते हैं।
कोई चुनावी वादा नहीं पर दिल ने तुमको चुन लिया, क्या नुक्सान हुआ सरकार का तुम क्या जानो?

शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2020

वफ़ा का दरिया कभी रुकता नही, इश्क़ में प्रेमी कभी झुकता नही, खामोश हैं हम किसी के खुशी के लिए, ना सोचो के हमारा दिल दुःखता नहीं!
कुछ खास नही बस इतनी सी है मोहब्बत मेरी .. .!! हर रात का आखरी ख्याल और हर सुबह की पहली सोच हो तुम.
काबिलियत तो कूट-कूट के भरा है आपमे, सुना है आप उड़ते चिड़िया के पर गिन लेती हो।
उन बातों मै मज़ा कहा जो नशे मै गुजर जाए मज़ा तो तब है जब होश हो और नशा तुम्हारी मोहोब्बत का हो जाए 
दिलों से खेलना हमें भी आता है पर जिस खेल में खिलौना टूट जाए वो खेल हमें पसंद नही।
यूं तो कितने हसीं थे महफिल में, दिल तो दिल है ये टिक गया तुमपर।
चाहे कितनी भी भलाई का काम कर लो... उस भलाई की उम्र सिर्फ अगली गलती होने तक ही है...!!
मैं सब्र भी रहूंगा,मैं तेरा इंतज़ार भी रहूंगा मैं वफ़ा भी करूंगा, मैं वफ़ादार भी रहूंगा
सुनो मेरा महबूब मिले तो मेरा सलाम कहना...
कुछ तो तेरी अदाओं में असर है सनम, तेरी राह तकते रहते है हम यहां। यूं तो लॉर्ड शाहब है दुनिया के लिए, इंतेज़ार में तेरे मजबूत रहते है हम वहां।
सुनो मेरा महबूब मिले तो मेरा सलाम कहना...
मेरा महबूब इतना प्यारा है वो सिर्फ़ और सिर्फ़ हमारा है..

गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

यही सोच कर महफिल में ख़मोश हो गया था कि मेरे बोलने से तेरी शान कम ना हो जाये.!
नही कहता की हाथ पकड के चलो मेरा, पर कभी दो कदम साथ तो आया करो...
खिड़की के बाहर सूरज निकला है
   खिड़की के अंदर चांद बैठा है,
           असमंजस में हूं
      इसे दिन लिखूं या रात 
ताबीज जैसे होते है कुछ लोग.... गले लगते ही सुकून मिलता है!!
तुमको मेरा ख्याल, मेरे चले जाने के बाद आएगा !!
जब सवाल ही इश्क पर उठा था .. तो भला जवाब क्यों जुबां देती ..
क्या #फ़साना लिखूं हमारी अधूरी मोहब्बत का हमारे इश्क़ के चर्चे तो ज़माने में रहे हैं...
हम चले जाएंगे जख्मों की तिजारत करके

मुद्दतों तेरे शहर में हमारा चर्चा रहेगा.....!!

बुधवार, 12 फ़रवरी 2020

मेरे पास से गुज़र कर मेरा हाल तक न पूछा मैं कैसे मान जाऊँ वो दूर जाके रोए...!! 
तेरे पास से गुज़रे, तो जुनूं में थे जब दूर जा के सोचा, तो ज़ार-ज़ार रोए...!!
उन्हें कौन समझाए ..... हम नहीं हैं जिस्म की तलब गार!??
काश तुम मेरी मोहब्बत की गहराई जान पाते!??
अपना फसाना तुमको फसाना नहीं आपको अपना बनाना था
क्या फ़साना लिखूं हमारी अधूरी मोहब्बत का हमारे इश्क़ के चर्चे तो ज़माने में रहे हैं...
बहुत सी बातों में इक बात ये भी है कि तुम्हारी याद हर लम्हा आती है
मरते है तुम पर, तो क्या मार ही डालोगे ?
तुम्हारे कहने पर में किसी का मुंह तोड़ सकता हूं..
ये चांद तारे तोड़ कर लाने की बात ना करो आप..
मैं प्रॉमिस तो नहीं करता, मगर तेरी तकलीफ में साथ रहूँगा !!
इक़रार है कि दिल से तुम्हें चाहते हैं हम कुछ इस गुनाह की भी सज़ा है तुम्हारे पास..
नसीब बिगड़ा तो गूंगे बुराई करने लगे...
हमारे कद के बराबर ना आ सके जो लोग हमारे पाँव के नीचे खुदाई करने लगे...
पलट कर जवाब देना बेशक गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदें भूल जाते हैं । 
आज भी इस दिल को तुम्हारा इन्तज़ार है.. आज भी इन आँखों में तुम्हारे लिये प्यार है।
भूल के ये अदबो - तहज़ीब , _________ तुम गिर क्यों नहीं जाती.... मेरी बाहों में !!
कि मेरा दिल उड़ती पतंग जैसा लगता है जब तुम साथ होती हो तो ऐसा लगता है
जिस्म की नहीं मुझे तेरी रुह की चाहत है
मेरे लिए तो तू उस रब की प्यारी इबादत है।
चुभती रहती है बहुत सी बाते मुझे तीर की तरह. पर मे खामोश ही रहता हु अपनी तकदीर की तरह
तमन्ना तेरे जिस्म की होती तो छीन लेते दुनिया से, इश्क तेरी रूह से है इसलिए खुदा से मांगते हैं तुझे.
कभी तो हमसे भी मुलाक़ात कर दिया करो थोड़ी सी ही सही हमसे भी बात कर लिया करो।
सुनता हूँ गीत मैं हर रोज नये नये मगर तुम्हारी आवाज़ सा सुकूं नहीं मिलता
दिल चाहता है कि खुद को खो दूँ मैं और लगा कर गले से तुमको रो दूँ मैं

मंगलवार, 11 फ़रवरी 2020

बहुत दिल से की थी परवाह उनकी, पर ये न सोचा था हमारी चाहतो पर सवाल उठेगा..
गुज़र जाते हैं , खूबसूरत लम्हें... यूं ही मुसाफिरों की तरह... 
यादें वहीं खड़ी रह जाती हैं...रूके रास्तों की तरह....
अनुभव कहता है, 
खामोशियाँ ही बेहतर हैं,
शब्दों से लोग रूठते बहुत हैं....

सोमवार, 10 फ़रवरी 2020

उनके भी लबों पे तहज़ीब के तराने आ गए
आइना दिखा दिया तो होश ठिकाने आ गए
इश्क़ की बातें हैं ज़नाब,ज़रा सलीके से कीजियेगा..,
महज़ 7 से 14 फ़रवरी की दिल्लगी,मोहब्बत नहीं हुआ करती...!!
हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की,🤟
      और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की,🙈 
शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है🤟
         क्या ज़रूरत थी, 
तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की !!😘
हर किसी के हाथ में बिक जाने को तैयार नहीं है
ये मेरा दिल है तेरे शहर का अखब़ार नहीं..!!
इतने सस्ते भी नहीं थे हम  , वो तो तेरे लिए रियायत की थी.....

शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं।

शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2020

हम तो बेजान चीजो से भी प्यार करते हैं पगली...

तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है...
निगाहें फेर के जो हमसे दूर बैठे हैं, जरा इधर भी देखिए हजूर हम बेकसूर बैठे हैं...
धोखा देती है शरीफ चेहरों की चमक अक्सर, . . . हर कांच का टूकड़ा हीरा नहीं होता.🌹
सुनो मोहब्बत एक बार और करनी है तूमसे.! लेकिन इस बार बेवफाई हम करेंगे !!
एहसास-ए-मुहब्बत के लिए बस इतना ही काफी है , तेरे बगैर भी हम, तेरे ही रहते हैं ।
हुई जो तेरे होंठो की तलब, हमने खिलता हुआ गुलाब चूम लिया ।
कर सके जो हर वक्त दीदार तेरा , सब कुछ लुटा के वो निगाहेँ खरीद लूं ।
तुम मेरे लिए अब कोई इल्ज़ाम न ढूँढो... चाहा था तुम्हें इक यही इल्ज़ाम बहुत है...
बेचैन यादों को सहारा चाहिए तुम्हारे दीदार का बहाना चाहिए...

गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

अच्छा सुनो ना... जरुरी नहीं हर बार शब्द ही हों... कभी ऐसा भी हो कि मैं सोचूं... और तुम समझ लो!
वो कहते है छोड़ क्यूँ नही जाते,इतनी तकलीफ देती हूँ तो.... मैंने कहा साँस लेने मे उलझन आये तो क्या जीना छोड़ दूँ।
ऐ ज़िन्दगी! कभी फुर्सत में मेरे घर आना। बहुत तलब है, तेरे साथ में चाय पीने की॥
तुम मिले तो क्यों लगा मुझे खुद से मुलाकात हो गई कुछ भी तो कहा नहीं मगर जिंदगी से बात हो गई।
✍️
तुम गलत फहमी मे रहते हो...कभी उलझन मे रहते हो, इतनी जगह दी है तुमको दिल में ...तुम वहां क्यों नही रहते हो।।
तू जिस पल का हिस्सा है वही मेरा बेहतरीन किस्सा है
यूँ ही आँखों से आंसू बहते नहीं, किसी और को हम अपना कहते नहीं, एक तुम ही हो जो रुक से गये हो ज़िन्दगी में, वरना रुकने के लिए हम किसी को कहते नहीं...!!
तुम किताब-ए-जिंदगी का एक पन्ना खाली रखना.. कभी जो याद आऊँ मैं तो मेरा नाम लिख देना !!
तुम किताब-ए-जिंदगी का एक पन्ना खाली रखना.. कभी जो याद आऊँ मैं तो मेरा नाम लिख देना !!
तुम्हे क्या मालूम नहीं तेरी याद में किस तरह हम सोते है, नीन्द भरी आँखो से भी हम‌ रात भर रोते है।
ख्वाब, ख्वाहिशें बनी और ख्वाहिशें कब यादें बनी पता ही नहीं चला ! 
मै तेरे लिए भी रोया हूं तेरी वजह से भी रोया हूं फर्क तुझे तब भी न पड़ा फर्क तुझे अब भी न पड़ा
पागल तो बचपन से ही था....! बस तेरे प्यार ने इसे बढ़ा दिया था...!!
नींद पता भूल गई है आने के आसार तो नजर आते ही नहीं
सीने से लगाकर सुन वो धड़कन, जिसे हर पल तुझसे बात करने की तलब रहती है 
बहुत ख़ामोश रहने लगा हूँ, ज़ुबाँ की बात अब आँखों से कहने लगा हूँ.....!!
जिम्मेदारीया मजबूर कर देती है शहर छोड़ने को । वरना कौन अपनी गली मे नही जीना चाहता है
यूँ तो तुमसे जीत पाना मुश्किल है। लेकिन ये आँखे तुमसे लड़ना चाह रही है।
कुछ दोस्त खजाने की तरह होते हैं मन करता है उन्हें जमीन मे गाढ दूँ...
मेरी मौत का जश्न हो रहा है..!! तुम भी आओ, तुम्हारा भी तो हक है...!!
मैं हैरान हूं उसके रवैया से, मोहब्बत करके मुझको ही गुनाहगार बना दिया।
तेरे हिस्से का वक़्त आज भी मैंने किसी को नहीं दिया..
हमारी मौजूदगी किसी को तकलीफ़ दे..!! उससे पहले ए खुदा हमें मार दे..!!

बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

खुदा तो नही हो तुम
फिर मुझे क्यों तेरे सिवा कोई और नही भाता...
जब किस्मत ने “उंगली” करना बंद किया तो हम बहुत खुश हुए . . हमें क्या पता था कि किस्मत “बांस” लेने गई है...!!!!
खुदा माना तुम्हें,तुम रूबरू हो,मैं क्या करूँ? पूजा करूँ,इबादत करूँ,या फिर दुआ करूँ?
सितम हमारे छाँट लिया करो, ! नाराज़गी से अच्छा डॉंट लिया करो !!
मोहब्बत का मेरा कोई इरादा ना था वो तो तुम्हें देखा तो दिल माना नहीं
सितम हमारे छाँट लिया करो, ! नाराज़गी से अच्छा डॉंट लिया करो !!
अब हसरत है तेरे हो जाने की... 
सिर्फ मेरे चाहने से मोहब्बत कहाँ पूरी होगी..... मेरे खातिर थोड़ा ही सही बेचैन तू भी तो हो.....
मेरी चुनिंदा शाख हैं... मैं वो परिंदा नही... जो हर डाल पर बैठे जाऊँ...!!
नही कर पाएंगे हम इज़हार इस फरवरी ,.. तुमसे कोई "हफ्ते भर का इश्क़" थोड़े है ..!! 
जाने वो दिन कब आएगा जब हम दोनों एक ही बात पे लड़ेंगे लड़का होगा या लड़की
जिंदगी जेठालाल जैसी हो गई है, मुसीबत जाती नहीं बबिता आती नहीं...!!
चल ऐ दिल किसी अनजान सी बस्ती में, इस शहर में तुझसे सभी नाराज ही रहते हैं...!
हे सुनो.... जताया करो हमपर तुम हक सारे अपने...
ऐसा लगता है जैसे हर इम्तिहाँ के लिए, किसी ने जिन्दगी को हमारा पता दे दिया है...
मेरे अपनो ने हीं दिये हैं, मुझे घाव गहरे
मरहम का काम हो जाए अगर तुम मिलने आ जाओ
कभी मुझसे भी तुम मुझ जैसा इश्क़ करो ना...!!
उस रात कितना सुकून होगा ..जिस रात का सवेरा ना होगा .. !!
अपने दिल का पैगाम बस इतना है.., मर तो नहीँ सकते, हाल ही कुछ ऐसा है...!!
" जिसको मेरा हाथ पकड़ना चाहिए था..... वो मेरी एक गलती पकड़ बैठे है "........!! 
बेताबियाँ समेट के सारे जहान की जब कुछ न बन सका तो मेरा दिल बना दिया

मंगलवार, 4 फ़रवरी 2020

सोचा ही नहीं था.... जिंदगी में
ऐसे भी फ़साने होगें 
रोना भी जरूरी होगें.... और 
आंसू भी छुपाने होगें
कैसे कहूँ कहा नही जाता इश्क़ में तेरा चेहरा नजर आता किसी और का ख्याल नही आता ऐ जिंदगी बस तेरा ही ख्वाब आता।।
बातें बहुत है कहने को तुमसे कैसे कहूँ की प्यार है तुमसे।।
हंसता था हर वक़्त, अच्छी खासी बातें करता था...! मुझे ख़ामोश करने वाले तूने कमाल कर दिया...!!
मत हो उदास, कि मेरे दिल में तु ही तो बसी है इकरार नहीं तो क्या,इंतज़ार तो अब भी करता हूँ।
बताओ, कितना मुझे तुम जानते हो?? क्या आहटें मेरी पहचानते हो? कर के मुझे, मुझी से अजनबी, क्या अपना मुझे तुम मानते हो?
लिख देने से नहीं... तुम्हारे पढ़ लेने से मुकम्मल हैं लफ्ज मेरे...
इतने बुरे हैं खुद को नही पता था मुझे, मेरी सादगी को लोगो ने मेरी कमज़ोरी समझा..

सोमवार, 3 फ़रवरी 2020

यूं ही नहीं आता ये हुनर हर किसी में,, शेर का जिगरा चाहिए,,,दूसरों की ज़िन्दगी में रायता फ़ैलाने के लिए😂😜
ग़ैरों से कहा तुम ने ग़ैरों से सुना तुम ने... कुछ हम से कहा होता कुछ हम से सुना होता...
जरूरी नहीं की जवानी में मोहब्बत की ही बाते हों , आप अपने राष्ट्र से किसी भी उम्र में इश्क कर सकते हैं!!
 महबूब के, अंदाज़ का, क्या कहिये रोज़ मिलता है और मिलके भुला देता है
और भी ज्यादा तकलीफ होती है जब... आप के अपने भी आप का दर्द ना समझें....
मेरी मुस्कराहट पर मत जाओ, मैं भी दिखावे की दुनियाँ का हिस्सा हूँ...

रविवार, 2 फ़रवरी 2020

बरस के निकल गई वो किसी बादल की तरह,
देखता रह गया मै उसे किसी पागल की तरह..!

शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

मुट्ठियों मे कांच के टुकड़े दबा कर देखिये, जब लहू रिसने लगे तब मुस्कुराकर देखिये.....!
जो टूट कर भी मुस्कुरा दे उसे भला कोई कैसे हरा दे!
आँख खुलते ही याद आ जाते हो... तुम्हें तो बस सताने का बहाना चाहिए ।।
तुम तरस जाओगें मेरे हसीं के लिए सुनो...! बाज़ आ जाओ मुझे रुलाने से...!!
आज फिर दिल ने एक तमन्ना की.... आज फिर दिल को हमने समझाया!!!!!
सुनाई देती है जिसकी धड़कन... तुम्हारा दिल या हमारा दिल है.......
मुड़ मुड़ के देखती है मुझको मेरी वफाएं कौन है जो बन कर मुझमें दिल धक धक कर रहा है 
काश हम भी सुन पाते सुना है ... तेरी धडकनें मेरा नाम लेती हैं
मेरे शब्दों की गहराई को समझने वाले लगता है तेरे भी अरमान अधूरे बहुत हैं 
हमारी ऋतु आप पर निर्भर होती है..!! आप मिलो तो बसंत वर्ना पत्तज़ड़....!!!!
जब लड़की गुस्से में हो तो सामने रखे गुब्बारे से भी कॉम्पीटीशन कर सकती है कि मैं इससे भी बड़ा मुंह फुलाकर दिखाऊंगी
मैं खुद मिसाल हूँ..... मौहब्बत कैसे बर्बाद करती है...
मेरी हर सोच में तुम हो और तुम कहते हो ज़्यादा सोचा न करो 
ख़ुदा तो नहीं हो तुम... फिर क्यूँ मुझे कोई और नहीं भाता..

मेरे दिल के कितने क़रीब हो तुम, कभी पूछना मेरी धड़कनों से .. 
कैसे कर लेते हो बेरुखियाँ हमसे, दिल नहीँ दुखता तुम्हारा...

मुझे तकलीफ देने में उसे सुकून बहुत मिलता हैं ओर उसे सुकून मिले यही मेरा दिल चाहता हैं...
मेरी हर सांस में तू है मेरी हर खुशी में तू है
तेरे बिन जिंदगी कुछ नहीं क्योंकि मेरी तो पूरी जिंदगी तू है